जी-20 सम्मेलन: PM मोदी ने उठाया आर्थिक भगोड़ों के खिलाफ कार्रवाई का मुद्दा

पीएम नरेंद्र मोदी ने जी -20 सम्मेलन में एक 9 सूत्रीय एजेंडा पेश किया। जिसमें जी- 20 के सदस्य देशों से आर्थिक अपराध कर देश छोड़कर वाले भगोड़ों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के लिए सहयोग की भी मांग की है।

नई दिल्ली: देश की अर्थव्यवस्था को अरबों रूपये का नुकसान पहुंचाकर विदेश भागने वालों के खिलाफ पीएम नरेंद्र मोदी कार्रवाई का मन बना चुके है। उन्होंने जी-20 सम्मेलन में भी इस मुद्दे को जोर शोर से उठाया है। पीएम ने यहां एक 9 सूत्रीय एजेंडा पेश किया। जिसमें जी 20 के सदस्य देशों से आर्थिक अपराध कर देश छोड़कर भागने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के लिए सहयोग की भी मांग की है।

मोदी ने कहा, “वित्तीय घोटालेबाजों और भगोड़ों के खिलाफ भी एकजुटता के साथ खड़े होकर कार्रवाई करने की आवश्यकता है। यह समस्या वैश्विक वित्तीय स्थिरता के लिए एक गंभीर खतरा बन सकती है” जिसके बाद भारत ने आर्थिक अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए जी 20 सम्मेलन में 9 प्वाइंट्स का एजेंडा पेश किया।

ये भी पढ़ें…यूपी: पीएम मोदी से प्रभावित होकर इस गांव के लोगों ने बदल दी इज्जतघरों की तस्वीर

प्रधानमंत्री ने जी-20 देशों से ऐसे भगौड़ों से निपटने के लिए एक ऐसा ढांचा तैयार करने की अपील की जिससे कि ऐसे आर्थिक अपराधियों के लिए भागकर विदेश में छिप जाना आसान न रहे।

इस दौरान पीएम ने कहा, ‘अपराध होने से रोकना, अपराधियों की जल्दी वापसी और अपराध की आय के प्रत्यावर्तन जैसी कानूनी प्रक्रियाओं में सहयोग को बढ़ाया और सुव्यवस्थित किया जाना चाहिए’

साथ में यह सुझाव भी दिया कि इस दिशा में अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढावा देने के लिए एक वित्तीय कार्रवाई कार्यदल (FATF) का गठन किया जाना चाहिए जोकि सक्षम प्राधिकरणों और वित्तीय खुफिया इकाइयों को समय रहते जानकारी उपलब्ध कराए ताकि कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।

ये भी पढ़ें…दूसरी तिमाही में 7.1 फीसदी रही जीडीपी, मोदी सरकार फिर कटघरे में

एजेंडे के मुताबिक, ‘एफएटीएफ को भगोड़ा आर्थिक अपराधियों की मानक परिभाषा तैयार करने के लिए कार्य करना चाहिए। इसके अलावा एफएटीएफ को जी-20 देशों को घरेलू कानून के तहत, भगोड़ा आर्थिक अपराधियों की पहचान, प्रत्यर्पण और न्यायिक कार्यवाही से संबंधित प्रक्रियाओं से निपटने के मार्गदर्शन और सहायता प्रदान करने के लिए मानकीकृत प्रक्रियाओं का एक सेट भी विकसित करना चाहिए।’

इसके अलावा भारत ने प्रत्यर्पण के सफल मामलों सहित अनुभवों और सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करने के लिए एक साझा मंच की स्थापना की भी वकालत की। यह भी कहा गया कि जी -20 फोरम को ऐसे आर्थिक अपराधियों की संपत्ति का पता लगाने पर काम शुरू करने पर विचार करना चाहिए, जिनके सिर पर उनके देश में भारी कर्ज है, ताकि वसूली की जा सके।

ये हैं भारतीय सूची में शामिल भगौड़ों के नामा
बता दें कि भारत से अब तक कई लोग पैसा लेकर विदेश भाग चुके हैं। इनमें प्रमुख नाम विजय माल्या, नीरव मोदी, मेहुल चौकसी का है। विजय माल्या इस वक्त लंदन में रह रहा है। भारत की ओर से उसके प्रत्यर्पण के प्रयास जारी हैं। वहीं, नीरव मोदी ने एंटीगुआ की नागरिकता ले ली है।

ये भी पढ़ें…शादी करने भारत आए निक, प्रियंका संग देंगे पीएम मोदी को निमंत्रण