6 दिवसीय संगीत समारोह का हुआ आगाज, गजल से हुई पहली रात की शुरुआत

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वाराणसी: बजरंग बली के दरबार मे लगातार 94 साल से संगीत की सुरांजलि का महोत्सव मनाया जाता है। इस दिवसीय संकटमोचन संगीत समारोह की शुरुवात 15 अप्रैल को हुई। संगीत के इस सबसे बड़े मेले की पहली रात की खास शुरुवात 27 साल बाद मंच पर आई चित्रा सिंह ने की।  मंच पर आते ही वो बेहद भावुक हो गई। वो गजल के नगमे तो नहीं गुनगुना पाई मगर बजरंगबली और श्रोताओं का शुक्रियादा जरूर किया।

-हुनमान जयंती के अवसर पर शुरू हुई ये संगीत समारोह भगवान के चरणो में कलाकारों की एक श्रद्धांजलि मानी जाती है इसलिए आज तक हजारो बड़े से बड़े कलाकारों ने यहां अपने संगीत की कला का प्रदर्शन किया है।

मंदिर के महंत विशम्भर नाथ मिश्र बताते है की यहां बजरंगबली को अपनी स्वरांजलि पेश करने बड़े-बड़े संगीतकार आते हैं।

-समारोह की पहली रात मुंबई से आए गजल गायक के खास फनकार महोम्मद हुसैन और अहमद हुसैन ने गायकी का ऐसा समा बांधा की वहां के लोग ठहर से गए।
– अपनी गायकी के बाद इन 
दोनों गजल के बादशाह ने कहा कि वह धन्य हैं जो उन्हें यहां दौबारा आने का मौका मिल पाया।

अफगानी रवाब से हुई अगली सुबह की शुरुआत 
-अगले दिन की सुबह की शुरुआत अफगानी रबाब के साथ हुई।
-अफगानिस्तान से आए उस्ताद गुलफाम खान पहली बार इस समारोह का हिस्सा बने।
-उनकी रबाब की धुन सभी को मोहित कर गई।
-रबाब के साथ गुलफाम के गीत अल्लाह और राम श्रोताओ को पूरी तरह मंत्र मुग्ध कर गई।

संगीत के साथ कला की खूबसूरती
-संकट मोचन मंदिर में सिर्फ संगीत ही नही बल्कि कला के और भी आयाम देखने को मिले।
-मंदिर प्रांगण में फाइन आर्ट्स के छात्रों ने हनुमत प्रेम के साथ काशी से जुड़ी अनोखी पार्टिंग प्रदर्शनी लगाई उनके लिए ये एक बहुत बड़ा अनुभव और मौका था।