लखनऊ : उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक ने ‘उत्तर प्रदेश जल सम्भरण तथा सीवर व्यवस्था (संशोधन) अध्यादेश 2018’ को सर्वजनिक कर दिया है। मौजूदा समय में राज्य विधान मण्डल सत्र में न होने के कारण एवं विषय की तात्कालिकता को देखते हुए राज्यपाल ने मंत्रि परिषद के प्रस्ताव को विधिक परीक्षणोपरान्त अपनी स्वीकृति प्रदान कर दी है।

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आपको बता दें, जल सम्भरण तथा सीवर व्यवस्था संबंधी सेवाओं के विकास तथा उनके विनियमन हेतु ‘उत्तर प्रदेश जल सम्भरण तथा सीवर व्यवस्था अधिनियम 1975’ विद्यमान है। इस मूल अधिनियम में वर्ष 2007 में कतिपय संशोधन किये गये थे। वर्तमान में ‘उत्तर प्रदेश जल सम्भरण तथा सीवर व्यवस्था अधिनियम 1975’ तथा वर्ष 2007 में संशोधित अधिनियम के प्रावधानों के समरूप न होने के कारण उनके समुचित अनुपालन में विधिक एवं व्यवहारिक कठिनाई आ रही थी।

उत्तर प्रदेश जल सम्भरण तथा सीवर व्यवस्था (संशोधन) अध्यादेश 2018’ द्वारा ‘उत्तर प्रदेश जल सम्भरण तथा सीवर व्यवस्था अधिनियम 1975’ की धारा 7 में उपधारा (3) को निकाल दिया गया है।