उत्तर प्रदेश

आतंकी हमले में शहीद हुए देवरिया के लाल विजय कुमार मौर्य के घर प्रभारी मंत्री अनुपमा जायसवाल पहुंची और शहीद की पत्नी को ढांढस बंधाया साथ ही हर सम्भव मदद करने का भरोसा दिलाया।

इलाहाबाद हाईकोर्ट में एक दर्जन से अधिक अधिकारियो की प्रोन्नति की गयी है।  महानिबंधक मयंक कुमार जैन ने अनुभाग अधिकारियों की पदोन्नति की अधिसूचना जारी की है।

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एस डी एम सदर प्रयागराज के उस आदेश पर रोक लगा दी है जिससे कोर्ट में विचाराधीन विवादित भूमि पर बने मकान से अवैध कब्जा पुलिस बल प्रयोग कर हटाने का निर्देश दिया गया था।

उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव शुक्रवार दोपहर पुलवामा आत्मघाती हमले में शहीद हुए प्रदीप सिंह यादव के घर कन्नौज पहुंचे। अखिलेश यादव ने शहीद प्रदीप के परिजनों से मिलकर सांत्वना दी और बातचीत की।

जम्मू कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकी हमले में अब तक 44 जवानों के शहीद होने की पुष्टि हो चुकी है। प्रदेश भर में जगह-जगह शहीदों को श्रद्धांजलि दी जा रही है। इसी कड़ी में यूपी के जनपद हापुड़ में भी शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई। उसके बाद व्यापरियों की तरफ से इलाके के अंदर  मार्च निकलकर  भारत माता की जय के नारे लगाये गये। 

ज़िले में दहेज के लिए विवाहिता को जलाए जानें की सनसनीखेज वारदात  सामने आई है। दहेज लोभी विवाहिता को जलाकर हत्या के बाद घटना को आत्महत्या बता रहे हैं। पुलिस ने स्थानीय लोगों की सूचना पर पहुंचकर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।

यूपी के कैबिनेट मंत्री सतीश महाना शहीद श्याम बाबू के परिवार से मिलने पहुंचे। परिजनों का दर्द देख कर कैबिनेट मंत्री अपनी आंखों से आंसू नहीं रोक पाए। वहीं माहौल उस वक्त और भी गमगीन हो गया जब शहीद के 4 साल के बेटे ने मां और दादी को रोते देखा तोअपने बाबा से पूछा कि बाबा पापा को क्या हो गया है।

गुरूवार को काश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकी हमले में महेश की शहादत की खबर पहुंची तो जहां परिजनों में कोहराम मच गया तो वहीं गांव समेत पूरे जनपद में शोक की लहर दौड़ गई।

उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले में गुरूवार रात तेज रफ्तार ट्रक ने बाइक सवार दंपती व उनके दो बच्चों को कुचल दिया। इस हादसे में पिता-पुत्र की मौत हो गई। जबकि महिला व उसका एक बेटा गंभीर रूप से घायल हुआ है।

देवरिया के लाल के शहीद होने कि सूचना मिलते ही उनके घर के बाहर स्थानीय लोगों का जमावड़ा लगना शुरू हो गया। वहीं जब काफी देर तक शहीद के घर कोई जनप्रतिनिधि नहीं पहुंचा तो लोगों का गुस्सा फूटा पड़ा।