महाकुंभ 2019 : 12 हजार कलाकार करेंगे शिरकत, विदेशी लोक कला संस्कृति का दिखेगा अनूठा संगम

इस बार महाकुंभ में एक ओर जहां धार्मिक अनुष्ठान और मंत्रोच्चार गूंजेगा, वहीं दूसरी ओर विदेशी लोक कला संस्कृति का अनूठा संगम सजेगा। एक जानकारी के मुताबिक इस बार 12 हजार कलाकार कार्यक्रम में भाग लेंगे। इस दौरान कला संगीत और पारंपरिक लोक कलाओं के रंग दिखेंगे।

प्रयागराज: इस बार महाकुंभ में एक ओर जहां धार्मिक अनुष्ठान और मंत्रोच्चार गूंजेगा, वहीं दूसरी ओर विदेशी लोक कला संस्कृति का अनूठा संगम सजेगा। इसके लिए तैयारियां शुरू हो चुकी है। एक जानकारी के मुताबिक इस बार 12 हजार कलाकार कार्यक्रम में भाग लेंगे।
इस दौरान कला संगीत और पारंपरिक लोक कलाओं के रंग दिखेंगे।

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महाकुंभ में विदेशी कलाकारों द्वारा राम व कृष्णलीला का मंचन भी होगा। कुंभ में पहली बार 11 विदेशी कलाकारों की 21 प्रस्तुतियां होंगी। मॉरीशस के कलाकार रामायण गान की प्रस्तुति देंगे। सांस्कृतिक केंद्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर के कलाकार अपनी कलाओं में भारत की संस्कृति को प्रस्तुत करेंगे। लगभग दस देशों के कलाकार अपनी-अपनी रामलीला का प्रदर्शन करेंगे।

महाकुंभ में देश के अलावा विदेशी कलाकार राम व कृष्ण लीलाओं का भी मंचन करेंगे। इसमें रूस, बांग्लादेश, मलेशिया श्रीलंका, इंडोनेशिया, थाईलैंड, सूरीनाम, फिजी (न्यूजीलैंड), त्रिनिडाड, नेपाल, कंबोडिया आदि देश शामिल हैं। विदेशी रामलीलाओं की प्रस्तुति दो दिन होगी। वहीं दिल्ली श्रीराम भारतीय कला केंद्र की रामलीला दस दिन तक चलेगी।

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डिजिटल स्क्रीन पर दिखेगी कुंभ की यात्रा
कुंभ में पहली बार इंटरपे्रटेशन सेंटर बनाया जाएगा, जहां डिजिटल स्क्रीन पर कुंभ के इतिहास को कई भाषाओं में प्रतिदिन प्रदर्शित किया जाएगा। कुंभ में आने वाले विदेशी श्रद्धालुओं के लिए विशेष इंतजाम होंगे। उनके रहने-ठहरने के लिए कैंप विभिन्न भाषाओं में प्रकाशन सामग्री तैयार की जाएगी। कुंभ से जुड़े अभी तक के इतिहास की पुस्तकें होंगी।

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