हेलीकॉप्टर बाबा द्वारा कब्जे की जमीन की पैमाइश अभी भी अधूरी, जानें पूरा मामला

लगातार तीन दिनों से रिपोर्ट भी बनाई जा रही है हालांकि इतने बड़े क्षेत्र में बड़े-बड़े मकान और कि चहारदीवारी भी बने होने के कारण पूरे भूभाग की पैमाइश नहीं हो सकी। अब आनन-फानन में रिपोर्ट लगाने की तैयारी चल रही है।

मिर्जापुर: उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर के तहसील मड़िहान के सिकटही आश्रम जिसके मालिक हेलीकाप्टर बाबा है। बाबा के द्वारा किये गए अवैध कब्जे की जमीन की पैमाइश लगभग तीन दिनों तक चली लेकिन पैमाइश पूरी नहीं हो पायी।

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हेलीकॉप्टर बाबा के अनुयायी भी है बड़ी तादात में

पैमाइश के पहले बाबा के अनुयायी ईंट की बनी चहारदीवारी को वन विभाग बता रहे थे लेकिन जब विभाग ने इंकार कर दिया तो अब वे इसे किसानों की जमीन बताकर अपना पल्ला झाड़ रहे हैं। अनुयायियों का कहना है कि चारदीवारी से उनका कोई लेना देना नहीं है। वहीं अधिकारियों की मानें तो जल्द ही चहारदीवारी ध्वस्त कर जमीन कब्जामुक्त कराई जा सकती है। सिकटही गाँव में आश्रम का अवैध कब्जा हो गया है। क्षेत्रवासियों का आरोप है कि गरीबों के हक पर बाबा ने हाथ डालते हुए 4300 बीघे जमीन को अपने कब्जे में ले लिया है। जिसमें ग्रामसभा, सिंचाई विभाग व वन विभाग की 846 बीघे जमीन भी शामिल है।

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बता दें कि तहसील के अफसर व सिंचाई विभाग की मिलीभगत से एक बड़े भूभाग पर आश्रम के लोगों ने कब्जा कर रखा है और विभाग के अधिकारी सोते रहे है जब गांव के ही निवासी एक व्यक्ति राजेंद्र प्रसाद ने जनहित याचिका उच्च न्यायालय में दाखिल कर दिया जिसके बाद जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया और तीन सदस्यीय जांच टीम बनाई और लगातार तीन दिनों से रिपोर्ट भी बनाई जा रही है हालांकि इतने बड़े क्षेत्र में बड़े-बड़े मकान और कि चहारदीवारी भी बने होने के कारण पूरे भूभाग की पैमाइश नहीं हो सकी। अब आनन-फानन में रिपोर्ट लगाने की तैयारी चल रही है।

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दूसरा मामला एक कंपनी ने भी उठाया मौके का फायदा मड़िहान तहसील क्षेत्र के गोपालपुर स्थित एक कंपनी ने भी ग्राम सभा की डेढ़ सौ बीघे जमीन पर अवैध कब्जे का मामला बताया कि पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए तो सैकड़ों एकड़ जमीन पर कब्जे का खुलासा हो जाएगा ।