देश के भविष्य से खिलवाड़: शिक्षामित्र के घर था फंक्शन, तो बच्चों से ढुलवाई कुर्सियां

हालांकि की इस मामले में बीएसए कौस्तुभ सिंह का कहना है कि मामला संगीन है। और फिर रटे रटाए अंदाज में उन्होंने कहा कि जांच कराकर उचित कार्यवाही की जायेगी।

सुल्तानपुर: योगी राज में देश का भविष्य कहे जानें वाले बच्चों के भविष्य से खुलेआम खिलवाड़ हो रहा है। जिम्मेदार अधिकारी औपचारिकता निभाकर अपना पल्ला झाड़ ले रहे। बतौर बानगी जिले की लम्भुआ तहसील के भदैया ब्लाक के एक प्राइमरी स्कूल की वायरल तस्वीरें तो यही बता रहीं कि अब सरकारी स्कूलों में बच्चों का भविष्य राम भरोसे ही है।

ये भी पढ़ें— SC की अवमानना नागेश्वर राव पर पड़ी भारी, दिनभर कोर्ट में खड़े रहने की मिली सजा

हर रोज़ बेहतर शिक्षा और अपने बच्चों के कैरियर के लिए माता-पिता उन्हें स्कूल भेजते हैं। सरकार की ओर से स्कूलों में बच्चों की बढ़ोतरी के लिए मिड डे मिल से लेकर मुफ्त कापी-किताब, ड्रेस, जूते-मोजे और स्वेटर तक दिए जा रहे। लेकिन सरकारी स्कूलों के टीचरों ने यहां आनें वाले बच्चों कों बंधुआ मजदूर बना रखा है।

ये भी पढ़ें— अहमदाबाद से अमित शाह ने शुरू किया ‘मेरा परिवार, भाजपा परिवार’ अभियान

आलम ये है कि नौनिहालों के जिन हाथों में किताबे होनी चाहिए उन हाथों में स्कूल के टीचरों ने कुर्सियां पकड़ा रखी हैं। जानकारी के अनुसार यहां भदैयां ब्लाक के बरुई प्राथमिक विद्यालय के शिक्षा मित्र के घर पर एक कार्यक्रम आयोजित था। जिसमें स्कूली बच्चों से सर पर कुर्सियां ढुलवाई गई।

ये भी पढ़ें— जम्मू कश्मीर: मुठभेड़ में सेना ने एक आतंकी को किया ढ़ेर, दो जवान शहीद

फोटो जब सोशल मीडिया पर वायरल हुई तो स्कूल प्रशासन मामले को मैनेज करने में जुट गया। हालांकि की इस मामले में बीएसए कौस्तुभ सिंह का कहना है कि मामला संगीन है। और फिर रटे रटाए अंदाज में उन्होंने कहा कि जांच कराकर उचित कार्यवाही की जायेगी।