हाईकोर्ट: इलाहाबाद जिले व मण्डल को प्रयागराज करने के मामले में फैसला सुरक्षित

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इलाहाबाद जिले व मण्डल का नाम बदलकर प्रयागराज करने की राज्य सरकार की अधिसूचना की वैधता चुनौती याचिका पर निर्णय सुरक्षित कर लिया है।  

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प्रयागराज: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इलाहाबाद जिले व मण्डल का नाम बदलकर प्रयागराज करने की राज्य सरकार की अधिसूचना की वैधता चुनौती याचिका पर निर्णय सुरक्षित कर लिया है।  यह आदेश मुख्य न्यायाधीश गोविन्द माथुर तथा न्यायमूर्ति वाई.के.श्रीवास्तव की खण्डपीठ ने इलाहाबाद हेरिटेज सोसायटी व कई अन्य की याचिकाओं की सुनवाई करते हुए दिया है।

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याची के अधिवक्ता शशिनंदन का कहना था कि राजस्व संहिता की धारा 6 (2) के तहत नाम बदलने के पहले पब्लिक नोटिस जारी कर आपत्तियों के निस्तारण के लिए कमेटी गठित करने का नियम है। कमेटी अपनी रिपोर्ट राजस्व परिषद को सौंपेगी। इस प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। इसलिए अधिसूचना रद्द की जाए।

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राज्य सरकार के अपर महाधिवक्ता मनीष गोयल का कहना था कि जिले का एरिया बदलने के लिए धारा 6 (2) का पालन करना अनिवार्य है। इस मामले में एरिया में बदलाव नहीं किया गया है। ऐसे में नोटिस जारी कर कमेटी गठित करने की आवश्यकता नहीं है। कोर्ट ने जानना चाहा कि जिला व शहर अलग है। शहर के नाम की अधिसूचना जारी होने के बाद शक्ति समाप्त हो चुकी है तो किस नियम के तहत सरकार पुनर्नामकरण कर सकती है। इस पर अपर महाधिवक्ता ने कहा कि नगर का नाम बदलने के लिए नगर निगम इलाहाबाद ने प्रस्ताव भेजा है जिस पर सरकार नियमानुसार विचार कर रही है।

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इस पर कोर्ट ने कहा जिला व मण्डल प्रयागराज हो गए है और शहर अब भी इलाहाबाद है। जिलों व शहर के नाम बदलने के कानूनी उपबंधों पर दोनां तरफ से तर्क दिये गए। याचिका पर वरिष्ठ अधिवक्ता उमेश नारायण शर्मा, एस.एफ.ए.नकवी व वी.सी.श्रीवास्तव ने भी पक्ष रखा। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित कर लिया है।

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