सुप्रीम कोर्ट व हाईकोर्ट की भाषा बने हिन्दी, केन्द्र व राज्य सरकार से ‘संघ’ की मांग

बैठक में वरिष्ठ उपाध्यक्ष, एन.के.चटर्जी, बालमुकुन्द सिंह, के.डी.मालवीय, रमेश चन्द्र शुक्ला, पूजा मिश्रा, अरविन्द कुमार गोस्वामी, राजेश त्रिपाठी, एन.सी.निषाद, सी.पी.गुप्ता आदि अधिवक्ता शामिल थे।

प्रयागराज: आदर्श अधिवक्ता संघ हाईकोर्ट ने अबूधाबी में हिन्दी भाषा को कोर्ट की भाषा के रूप में स्वीकार करने पर हर्ष व्यक्त किया है और केन्द्र व राज्यसरकार से सुप्रीम कोर्ट सहित हाईकोर्टाें में हिन्दी को कामकाज की भाषा घोषित कर लागू करने की मांग की है।

ये भी पढ़ें— टैक्स डिमांड बगैर याचिका पोषणीय नहीं, याचिका खारिज

संघ के प्रस्ताव में प्रधानमंत्री से हिन्दी भाषा की स्वीकार्यरता विश्वव्यापी होने के कारण देश में भी प्रभावी करने की अपील की गयी है। संघ की बैठक की अध्यक्षता एस.सी.मिश्र व संचालन महासचिव सभाजीत सिंह ने किया।

ये भी पढ़ें— शराब कांड के पीछे समाजवादी पार्टी के लोग: CM योगी

बैठक में वरिष्ठ उपाध्यक्ष, एन.के.चटर्जी, बालमुकुन्द सिंह, के.डी.मालवीय, रमेश चन्द्र शुक्ला, पूजा मिश्रा, अरविन्द कुमार गोस्वामी, राजेश त्रिपाठी, एन.सी.निषाद, सी.पी.गुप्ता आदि अधिवक्ता शामिल थे।

ये भी पढ़ें— राष्ट्रीय व्यावसायिक शिक्षा व प्रशिक्षण परिषद की वैधता को चुनौती, सरकार से जवाब तलब