सहारनपुर: सहारनपुर में इंद्रदेव के प्रकोप  का ऐसा असर दिखा कि वर्षों से सुचारू रूप से चलती आ रही रामलीला इस बार बाधित हो गई। बुधवार की सुबह सात बजे से लेकर पूर्वान्ह ग्यारह बजे तक हुई बारिश, ओलावृष्टि और तूफान ने यहां सबकुछ तबाह कर दिया हैं। पिछले एक सप्ताह से मंचित की जा रही रामलीलाओं के मंचन पर भी ग्रहण लग गया है। जिस तरह से बारिश और तूफान ने तबाही मचायी है, उसे देख्रकर नहीं लगता कि सहारनपुर में अब रामलीला का मंचन हो सकेगा। मंचन स्थल में एक से दो फीट तक पानी भरा पड़ा है और टेंट  आदि सब कुछ तेज हवाओं ने तबाह करके रख दिया है।
आपको बता दें कि आंध्र प्रदेश में आए तितली तूफान का असर यहां पर भी देखने को मिला है। सुबह करीब छह बजे से ही आकाश में घने काले बादल छा गए थे। सात बजे तेज हवा चलने के साथ ही झमाझम बारिश शुरू हो गई थी। बारिश के साथ साथ ओलावृष्टि होने से जहां मौसम में ठंड बढ़ गई, वहीं ओलावृष्टि से खेतों में खड़ी धान की फसल को भी काफी नुकसान पहुंचा है।

इंद्रदेव के प्रकोप से रामलीला बंद, बारिश और तूफान ने किया सबकुछ तबाह

उधर, तूफान के कारण जनपद भर में लगे रामलीलाओं के मंच और टैंट पूरी तरह से ध्वस्त हो गए हैं। रामलीला आयोजनकर्ताओं की पूरी मेहनत पर तितली तूफान ने एक झटके में पानी फेर दिया है। हद तो यह हो गई कि मंचन स्थल पर कहीं कहीं एक से दो तो कहीं कहीं तीन तीन फूट तक पानी भर गया है।
इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों से मिले समाचार के अनुसार बड़गांव, सरसावा, तीतरों, गंगोह, नानौता आदि क्षेत्रों में भारी बारिश से धान की फसल को काफी नुकसान हुआ है। इसके अलावा ईंख की फसल को भी नुकसान हुआ है।