UP इन्वेस्टर्स समिट: दिनेश शर्मा- IT क्षेत्र में 55,000 Cr. MOU साइन हो रहे

0
200

लखनऊ: यूपी इन्वेस्टर्स समिट के एक अन्य सेशन ‘द राइज ऑफ़ इलेक्ट्रॉनिक सेक्टर इन यूपी: क्रिएटिंग हब टू सर्व वर्ल्ड सेशन’ में केंद्रीय रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा पहुंचे। इस दौरान डिप्टी सीएम डॉ दिनेश शर्मा भी मंच पर मौजूद रहे। इस सेशन में इंफ्रास्ट्रक्चर विकास पर बातें हुईं।

‘द राइज ऑफ़ इलेक्ट्रॉनिक सेक्टर इन यूपी: क्रिएटिंग हब टू सर्व वर्ल्ड सेशन में केंद्रीय मंत्री मनोज सिन्हा और डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा के सामने अलग-अलग कंपनियों जैसे माइक्रोमैक्स, नोकिया, एसटी इलेक्ट्रॉनिक्स सहित कई कंपनियों के प्रतिनिधियों ने अपनी रखी। साथ ही, यूपी में इलेक्ट्रॉनिक सेक्टर के क्षेत्र में छिपी असीमित संभावनाओं पर प्रेजेंटेशन दिया।

1,00,000 करोड़ निवेश आने की संभावना
इस सेशन में यूपी के डिप्टी सीएम डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा, कि ‘प्रदेश के लिए यह विशेष समय है। निवेशक और सरकार मिलकर प्रदेश के लिए एक सार्थक और सकारात्मक विकास करें। हमें उम्मीद है कि इस इन्वेस्टर समिट से 1,00,000 करोड़ का निवेश आएगा। जहां तक आईटी और सूचना प्रौद्योगिकी का प्रश्न है 55,000 करोड़ के एमओयू साइन हो रहे हैं।’

हमारा फोकस रोजगार सृजन पर
शर्मा ने कहा, ‘पिछले साल जब मैंने शपथ ली थी तबसे अलग-अलग 11 पॉलिसी बनांई। हमने उत्तर प्रदेश उद्योग विकास की नीति बनाई। हमने मुख्यतः दो बातों पर फोकस किया, कि रोजगार सृजन ज्यादा से ज्यादा कैसे हो और निवेश पूंजी प्रदेश में कैसे आए। हमारी सरकार ने इसके लिए नीति बनाई। जिन क्षेत्रों को इंडस्ट्रियल पॉलिसी में शामिल किया है उसमें हमने पुलिस थाना, स्वास्थ्य सुविधाएं, बिजली और मजदूरों के रहने के लिए आवास भी शामिल किए हैं।’

मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग में बड़ी संभावनाएं
दिनेश शर्मा ने कहा, ‘हमने स्टार्ट अप नीति 2017 में प्रक्रिया के सरलीकरण पर ध्यान दिया। इस वक्त मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में बड़ी संभावनाएं हैं। अभी देश के 70 प्रतिशत लोग यूपी में बने मोबाइल फोन का प्रयोग कर रहे हैं।

11 महीने में 33% से ज्यादा टैक्स कलेक्शन किया
उन्होंने कहा, ‘यूपी खुद ही एक विशाल देश के बराबर है। यहां की आबादी 22 करोड़ है। इसका लाभ जीएसटी में देखने को मिला। हमने 11 महीने में 33 प्रतिशत से ज्यादा टैक्स कलेक्शन किया। हमने इनके साथ ही एक्सपोर्ट के लिए कई सुझाव केंद्र सरकार को दिए, जिन पर काम हो रहा है।’ दिनेश शर्मा ने कहा, कि हम निवेशकों को सुरक्षा, संसाधन और सरल प्रक्रिया देंगे ,साथ ही निवेशकों के साथ मिलकर काम करेंगे।

कई एमओयू एक्सचेंज हुए
इस दौरान आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स के क्षेत्र में कई एमओयू का आदान-प्रदान हुआ। कई हज़ार करोड़ के एमओयू एक्सचेंज हुए। इसमें ऑप्टिमस इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (560 करोड़), डिक्सन (500करोड़), बायो मेट्रोनिक टेक्नोलॉजी प्राइवेट लीमिटेड, इंटेक्स टेक्नोलॉजी(500 करोड़), निपन ग्रुप(500 करोड़), टोविस कम्पनी लिमिटेड(420 करोड़), ओप्पो मोबाइल(380 करोड़), हैरी एंड ल्यु कंपनी लिमिटेड (321 करोड़), हैविस इलेक्ट्रॉनिक्स (320 करोड़), शंघाई लौंचल इंडिया (300 करोड़) सहित कई एमओयू एक्सचेंज हुए।

लेकिन हमने संभव कर दिखाया
इसके बाद केंद्रीय मंत्री मनोज सिन्हा ने अपना संबोधन दिया। उन्होंने कहा, कि ‘जैसे श्रीकृष्ण के नेतृत्व में अर्जुन ने कर्ण पर विजय प्राप्त की थी। ठीक उसी तरह किसी को ये विश्वास नहीं था कि यूपी में इन्वेस्टर समिट होगा। लेकिन आज ये हो रहा है। हमारा देश भारत, डिजिटल और संचार का केंद्र बनने की दिशा में काम कर रहा है। हमारे पास इनोवेटिव उद्योगपतियों की बढ़ती संख्या है। यूपी बड़ी आबादी वाला प्रदेश है। यहां असीमित संभावनाएं हैं। इसका श्रेय यूपी के 22 करोड़ लोगों को जाता है जिन्होंने 2017 के विधानसभा चुनाव में ऐसी सरकार बनाई जिससे ये समिट संभव हो सका।’

लेकिन हमने संभव कर दिखाया
इसके बाद केंद्रीय मंत्री मनोज सिन्हा ने अपना संबोधन दिया। उन्होंने कहा, कि ‘जैसे श्रीकृष्ण के नेतृत्व में अर्जुन ने कर्ण पर विजय प्राप्त की थी। ठीक उसी तरह किसी को ये विश्वास नहीं था कि यूपी में इन्वेस्टर समिट होगा। लेकिन आज ये हो रहा है। हमारा देश भारत, डिजिटल और संचार का केंद्र बनने की दिशा में काम कर रहा है। हमारे पास इनोवेटिव उद्योगपतियों की बढ़ती संख्या है। यूपी बड़ी आबादी वाला प्रदेश है। यहां असीमित संभावनाएं हैं। इसका श्रेय यूपी के 22 करोड़ लोगों को जाता है जिन्होंने 2017 के विधानसभा चुनाव में ऐसी सरकार बनाई जिससे ये समिट संभव हो सका।’

दोगुने क्षेत्र में बिछा ऑप्टिकल फाइबर
केंद्रीय मंत्री मनोज सिन्हा ने कहा, कि ‘स्मार्ट फोन इस्तेमाल करने वालों की संख्या में बड़ी बढ़ोतरी हुई है। यह संख्या 190 मिलियन से बढ़कर 390 मिलियन हुआ है।यह दो तिहाई इजाफा है। 2014 तक देश में ऑप्टिकल फाइबर 7 लाख किलोमीटर था, जो अब बढ़कर 14 लाख किलोमीटर हो गया है।’