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प्रवासी भारतीय सम्मेलन के रंग में पूरा बनारस रंग चुका है। पूरे शहर को दुल्हन की तरह सजाया गया है। बनारस की चकाचौंध सात समंदर पार करके आने वाले मेहमानों को भी लुभा रही है। सम्मेलन में कोई कमी ना रहे, इसके लिए एक तरफ जहां सरकार ने पूरी ताकत झोंक दी है तो दूसरी ओर बनारस के लोग भी मेहमानों के इस्तकबाल के लिए पलक पवाड़े बिछाए हैं।

बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती पर बीजेपी की महिला विधायक साधना सिंह ने विवादित टिप्पणी की है। साधना सिंह ने गेस्ट हाउस कांड की बात करते हुए कहा कि जिस महिला के साथ ऐसी घटना हो जाती है, वह कलंकित मानी जाती है।

बीजेपी सांसद मुरली मनोहर जोशी ने एक बार फिर कानपुर से लोकसभा चुनाव लड़ने की इच्छा व्यक्त की है। उनकी टक्कर कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्र श्रीप्रकाश जायसवाल से हो सकती है।

जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) देशद्रोह मामले में पटियाला हाउस कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को कड़ी फटकार लगाई है। कोर्ट ने दिल्ली पुलिस से पूछा कि आखिर मामले में चार्जशीट दाखिल करने से पहले दिल्ली सरकार से इजाजत क्यों नहीं ली गई? क्या आपके पास लीगल डिपार्टमेंट नहीं है?

उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिले में तीन तलाक का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां कोतवाली के अंदर ही एक शख्स ने अपनी बीवी को तीन तलाक दे दिया। तलाक देने के बाद पति ने अपनी बीवी और तीन बच्चों से भी नाता तोड़ लिया है।

सीएम योगी आदित्यनाथ ने राज्य मंत्रियों की बैठक कर उन्हें कुंभ 2019 को लेकर विशेष दिशा निर्देश दिए। जिलों के प्रभारी मंत्री अपने जिलों में प्रभावी भूमिका में नहीं हैं। उन्हें अपने-अपने जिलों में जमीनी स्तर पर जुटने को कहा गया ताकि यह परखा जा सके कि उन्हें कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिला या नहीं।

समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बीजेपी पर हमला करते हुए कहा, इस पार्टी ने उत्तर प्रदेश में अपने प्रभारी को सिर्फ इसलिए बदला ताकि पीएम नरेंद्र मोदी की सीट बचाई जा सके। उन्होंने कहा कि बीजेपी ने बड़े-बड़े वादे करने के बावजूद जमीन पर कोई काम नहीं किया। 

भिनगा इलाके के मदरहवा गांव में ग्रामीण के घर रात को खाने के लिए परिजनों ने सरसो का साग बनाया गया था। इसे खाने के बाद परिवार के तीन बच्चों की हालत बिगड़ गई। परिजन सभी को इलाज के लिए निजी चिकित्सक के यहां लेकर पहुंचे, जहां पर इलाज के दौरान दो बच्चो की मौत हो गई।

उत्तर प्रदेश सरकार प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था को चुस्त दुरुस्त करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। सरकार की मंशा है कि सभी उच्च प्राथमिक स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के लिए प्राइवेट स्कूलो की तर्ज पर डेस्क और बेंच हो। सरकार ने इसके लिए पूरे प्रदेश में बजट आवंटित किया गया था, लेकिन अभी भी ज्यादातर स्कूलों में डेस्क और बेंच नहीं पहुंचा है।

स्कूल प्रशासन की लापरवाही की वजह से एक सातवीं क्लास के बच्चे को एक महीने मे दो बार रूबेला का इंजेक्शन लगा दिया गया जिससे छात्र के दोनो पैरों ने काम करना बंद कर दिया है।