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प्रयागराज में चल रहे कुम्भ स्नान के अंतिम स्नान पर मंगलवार को आज कुम्भ नगरी माघी पूर्णिमा पर 1.25 करोड श्रद्धालुओं ने कुम्भ में स्नान किया। मकर संक्रांति से अब तक स्नानार्थियों की संख्या 20 करोड 54 लाख हो चुकी है। सभी स्नानार्थियों ने 8 किमी के दायरे में बने 40 से अधिक स्नान घाटों पर बड़ी

दिव्य कुम्भ भव्य कुम्भ में नहीं थम रही आगजनी की घटनाएं। मंगलवार को छठवीं आगजनी की घटना पुल नं. 12 के सेक्टर 5 सरस्वती मार्ग पर खाक चौक थाना क्षेत्र के अखिल भारतीय दीनबन्धु नगर महंत राजाराम दास फलाहारी के शिविर में लगी जहां भारी संख्या में कल्पवसी रहते थे।

परमार्थ निकेतन शिविर, अरैल सेक्टर 18 में विश्व के 42 देशों से आये आदिम जाति-आदिवासी, जनजाति के लोगों ने परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती और जीवा की अन्तर्राष्ट्रीय महासचिव साध्वी भगवती सरस्वती के पावन सानिध्य में संगम में डुबकी लगाकर विश्व एक परिवार है का संदेश दिया।

दिव्य कुम्भ भव्य कुम्भ में एक विशाल नेत्र कुम्भ का संचालन किया जा रहा है। जहां अब तक लाखों लोग लाभान्वित हो चुके हैं। हृदयाघात एक विश्वव्यापी समस्या है। हृदयाघात की विषम परिस्थितियों में थोड़ी सी सजगता और सामान्य उपायों का प्रयोग कर एक सामान्य व्यक्ति भी किसी हृदयाघात से पीड़ित व्यक्ति के लिए जीवनदाता साबित हो सकता है।

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री ने प्रयागराज के कुम्भ मेले से लाभार्थियों को  प्लास्टिक स्मार्ट कार्ड तथा गंगा जल वितरित करते हुए कहा कि इस योजना के तहत प्रदेश के 1.18 लाख परिवारो के लगभग 6.47 करोड़ लोगो का स्वास्थ्य बीमा के तहत कवर करते हुए लाभान्वित किया जा रहा है।

प्रयागराज कुम्भ नगर के सेक्टर 18 परमार्थ निकेतन शिविर में शिविर के परमाध्यक्ष चिदानन्द सरस्वती को प्रयागराज के वरिष्ठ नागरिकों एवं जमुनापार जागृति मिशन द्वारा विशेष नागरिक सम्मान से सम्मानित किया गया।

दिव्य कुम्भ भव्य कुम्भ एवं स्वस्थ्य कुम्भ यह एक ऐसा नारा है जिसका न केवल प्रदेश व देश बल्कि समूचे विश्व में डंका बज रहा है। कुम्भ को स्वच्छ बनाने के लिए उत्तर प्रदेश के अधिकांश जनपदों से सफाई कर्मी पहुंचे हैं। कुछ अपने परिवार के साथ तो कुछ अंकेले ही पहुंचे। सभी अपने अपने गृह जनपदों में दिहाड़ी मजदूरी का काम करते थे। कुम्भ में 20 हजार से अधिक सफाई कर्मियों की तैनाती हुई है। जिनको दो शिफ्ट में आठ घण्टे का कार्य करना पड़ता है।

परमार्थ निकेतन शिविर, अरैल क्षेत्र सेक्टर 18 में में हुआ। संस्कृत विद्वत कुम्भ का उद्घाटन पश्चिम बंगाल के राज्यपाल केशरीनाथ त्रिपाठी , स्वामी चिदानन्द सरस्वती , कला ऋषि बाबा योगेन्द्र , मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान, डा. साध्वी भगवती सरस्वती , मधुर भण्डारकर , संगीत जगत से मालिनी अवस्थी , प्रसिद्ध गायिका हेमलता ,कल्पना , अमीरचन्द्र ने दीप प्रज्जवलित कर  किया।

जिसके बाद परिजनों ने राहत की सांस ली और वह भी घर को रवाना हो गए। आखिरकार कुंभ मेले में बने प्रशासनिक भूले भटके शिविर में एनाउंसमेंट बंद होने का मामला चर्चा का विषय बना रहा।

दिनांक 13, 14 एवं 15 को दोपहर 02 बजे से 07 बजे तक विभिन्न संतो एवं जनजाति प्रमुखों का मार्गदर्शन जनजातीय नृत्यों का प्रदर्शन किया जाएगा। 15 फरवरी को समापन कार्यक्रम सम्पन्न होगा।