दिव्यांग देवेंद्र का विश्व प्रतियोगिता के लिए चयन, लेकिन प्रदेश सरकार ने नहीं की मदद

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दिव्यांग देवेंद्र का विश्व प्रतियोगिता के लिए चयन, लेकिन प्रदेश सरकार ने नहीं की मदद
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दिव्यांग देवेंद्र का विश्व प्रतियोगिता के लिए चयन, लेकिन प्रदेश सरकार ने नहीं की मदद

आगरा: कहते हैं- हौसला हो तो बिना पंख के भी उड़ान भरी जा सकती है। आगरा के देवेंद्र ने इसे सच कर दिखाया है। दोनों पैरो से विकलांग देवेंद्र ने व्हील चेयर फेसिंग प्रतियोगिता में राष्ट्रीय स्तर पर स्वर्ण पदक हासिल किया है। इस प्रतियोगिता में पदक जीत कर देवेंद्र ने हंगरी में होने वाली वर्ल्ड व्हील चेयर फेसिंग प्रतियोगिता में भारत की उम्मीदें जगा दी हैं। लेकिन आर्थिक तंगी से जूझ रहे देवेंद्र को उत्तर प्रदेश सरकार ने कोई राहत नहीं दी।

प्रतिभा के धनी
-पोलियो के चलते दोनों पैरों से विकलांग हो चुके देवेंद्र ने अपनी इस कमजोरी को ही अपना हथियार बना लिया।
-राष्ट्रीय व्हील चेयर फेंसिंग प्रतियोगिता में देवेंद्र ने स्वर्ण पदक जीता है।
-इस स्वर्ण के साथ ही अब देवेंद्र हंगरी में आयोजित होने वाली वर्ल्ड व्हील चेयर फेंसिंग प्रतियोगिता के लिए क्वालिफाई कर गए हैं।
-देवेंद्र अब तक प्रदेश स्तर पर लाजवाब प्रदर्शन के बाद राष्ट्रीय प्रतियोगिता में 2गोल्ड, 3 सिल्वर और 1 ब्रॉन्ज हासिल कर चुके हैं।

कमजोरी बन गई हथियार
-आगरा में अछनेरा क्षेत्र के साधन गांव निवासी देवेंद्र कुमार बचपन में ही पोलियो का शिकार हो गए और दोनों पैर से विकलांग हो गए।
-फिर एक छोटे से गांव से निकल कर देवेंद्र पढ़ाई के लिए मथुरा गए।
-मथुरा में एक दिन उनकी साइकिल खराब हो गई और संयोग से उनकी मुलाकात कन्हैया गुज्जर से हो गई।
-उन्होंने देवेंद्र को व्हील फेंसिंग के गुर सिखाये जिसके दम पर वे आज आगरा का गौरव बन चुके हैं।

कर्ज से जारी रखेंगे उड़ान
-प्रतिभा के प्रदर्शन के बावजूद सरकारी तौर पर देवेंद्र को वादे तो बहुत मिले लेकिन कोई आर्थिक मदद नहीं मिली।
-आखिरकार, ब्याज पर पैसा कर्ज लेकर देवेंद्र विश्व स्तर की तैयारी के लिए करनाल पहुंच गए।
-बहरहाल, हरियाणा सरकार ने उन्हें खेलने के लिए मदद का प्रस्ताव दिया है।
-इस प्रस्ताव के बाद देवेंद्र अब हरियाणा से खेलेंगे क्योंकि वह इस जीत के सफर को जारी रखना चाहते हैं।

आगे स्लाइड्स में देखिए कुछ और फोटोज…

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