B’DAY SPECIAL: जब विश्व कप में जड़ दिए थे राहुल द्रविड़ ने बैक टू बैक शतक

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नई दिल्ली: टीम इंडिया के सबसे सफलतम बल्लेबाज़ राहुल द्रविड़ आज अपना 45वां जन्मदिन मना रहे है। 11 जनवरी, 1973 को इंदौर में जन्मे द्रविड़ लम्बे समय तक भारतीय टीम के मुख्य बल्लेबाज़ रहे। इस दौरान राहुल ने कई ऐसे कीर्तिमान स्थापित किये जिसकी बराबरी कर पाना किसी भी क्रिकेटर के लिए अभी तक असंभव है। मिस्टर ‘वॉल’ के नाम से मशहूर हुए द्रविड़ ने भारतीय टीम की कप्तानी के साथ साथ कोचिंग की भी कमान संभाली। द्रविड़ क्रिकेट के उन जेंटलमैनों में से है जिनका विवादों से दूर दूर तक का कोई नाता नहीं है।

उनके मज़बूत डिफेन्स और तेज़ बल्लेबाजी के अलावा बहुत से लोगों को इस बात की जानकारी कम ही होगी कि द्रविड़ ने विश्व कप के दो मैचों में लगातार शतक जड़ने का रिकॉर्ड बनाया था। जो फ़िलहाल अभी तक कोई बल्लेबाज़ नही तोड़ पाया है. द्रविड़ ने अपना पहला विश्व कप वर्ष 1999 में खेला था। जिसमें इनका पहला मैच दक्षिण अफ्रीका के विरुद्ध था। लेकिन लगातार दो मैचों में भारत को हार का सामना करना पड़ा। भारतीय टीम को सुपर सिक्स में जगह बनाने के लिए सरे मैच जीतने थे. इसी समय राहुल ने सचिन के साथ साझेदारी करके एक मज़बूत पारी खेली व कुल 237 रन बना के भारतीय टीम को सुपर सिक्स में जगह दिलवाई। इसी मैच के बाद बैक टू बैक एक और शतक बनाते हुए राहुल ने 318 रनों का आंकड़ा छुआ।

1996 में किया था क्रिकेट करियर का आगाज़
बहुत ही कम उम्र में ही राहुल द्रविड़ ने अपनी खास बल्लेबाजी से क्रिकेट में पैर जमा लिए थे। द्रविड़ ने 3 अप्रैल 1996 को सिंगापुर के खिलाफ वनडे मैच खेलकर अपने अन्तराष्ट्रीय करियर की शुरुआत की। राहुल ने अपना पहला टेस्ट मैच अपने पहले टेस्ट मैच 1996 में इंग्लैंड के खिलाफ मशहूर लॉर्ड्स मैदान में खेला था. अपने पहले टेस्ट मैच में ही 95 रन बनाकर महज 5 रन से द्रविड़ शतकीय पारी बनाने में चूक गए।

सबसे ज्यादा गेंद खेलने का रिकॉर्ड है द्रविड़ के नाम
मिस्टर ‘रिलायबल’ द्रविड़ के नाम टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा गेंद खेलने का रिकॉर्ड दर्ज है।
टेस्ट क्रिकेट में कुल 31258 गेंदों का सामना करके राहुल ने ये कीर्तिमान हासिल किया. अपनी धीरजता और सूझबूझ से द्रविड़ ने कुल 164 टेस्ट मैच भारत के लिए खेले हैं.

16 साल का बेमिसाल करियर
राहुल द्रविड़ ने 16 साल तक भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व किया। इस 16 साल के करियर में द्रविड़ ने कई रिकार्ड्स भी बनाये. वे पहले और एकमात्र बल्लेबाज हैं जिन्होंने सभी 10 टेस्ट खेलने वाले राष्ट्र के विरुद्ध शतक बनाया है। सुनील गावस्कर और सचिन तेंदुलकर के बाद वे तीसरे ऐसे बल्लेबाज हैं जिन्होंने अपने टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में दस हज़ार से अधिक रन बनाये हैं।

जब एक बार रो पड़े थे द्रविड़
एक बार द्रविड़ के साथ उनके क्रिकेट कार्यकाल में अजीब घटना घटी। शुरुआती दौर में 13 साल के द्रविड़ अपना विकेट गंवाने के बाद पिच पर ही रो पड़े थे और रोते -रोते पवेलियन लौटे थे। अन्तराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखने पर राहुल ने उसे अपने करियर का सबसे शर्मिंदगी का पल बताया था।

कई पुरुस्कार भी है राहुल की झोली में
राहुल को अपने करियर के दौरान कई पुरुस्कारों से भी नवाज़ा गया। द्रविड़ को वर्ष 2000 में पांच विसडेन क्रिकेटरों में से एक के रूप में सम्मानित किया गया। द्रविड़ को 2004 के उद्घाटन पुरस्कार समारोह में इस वर्ष के आईसीसी प्लेयर और वर्ष के टेस्ट प्लेयर के पुरस्कार से सम्मानित किया गया।