लखनऊ: बीजेपी के दो वरिष्ठ व बागी नेता यशवंत सिन्हा और शत्रुघ्न सिन्हा गुरूवार को सपा के मंच पर नजर आए। इस दौरान सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव भी मौजूद रहे। बता दें, लोहिया सभागार में जय प्रकाश नारायण जयन्ती समारोह का आयोजन हुआ, जिसमें दोनों नेता शामिल हुए। इस मौके पर दोनों ही नेताओं ने मुखर होकर जयप्रकाश नारायण की नीतियों पर विश्‍वास जताया। अब दोनों नेता समाजवादी रंग में रंगे नजर आएंगे।

जय प्रकाश नारायण ने प्रजातंत्र के अंधेरे को किया दूर

पूर्व मंत्री यशवंत सिन्हा ने कहा कि पटना में भी कार्यक्रम था लेकिन हम लोग यहां के कार्यक्रम में हैं। शत्रुघ्न सिन्हा ने भी यहां आने के लिए प्रेरित किया। जब देश प्रजातंत्र को खतरा हुआ था, अंधकार का माहौल था, तो रौशनी जय प्रकाश नारायण ने दिखाई थी। उन्होंने आगे कहा कि जय प्रकाश नारायण ने अगर दूसरी आज़ादी की लड़ाई लड़ी होती तो सन 77 में जनता पार्टी की सरकार न आई होती। उन्होंने आगे कहा कि हम निरंतर विकल्प की तलाश में रहते हैं। देश की एक बीमारी है जब कोई उच्च स्तर पर पहुंचता है तो कहा जाता है आगे कौन। आज भी देश मे इमरजेंसी से बदतर हालात हैं।

उन्होंने आगे कहा कि सब को एकसाथ चुनौती से लड़ना होगा। शत्रु जी और हम
देशभर में घूम रहे हैं। देश की प्रजातांत्रिक मान्यताएं रही। जो संस्था लोकतंत्र की रही है, वो आज खतरे में है। आज हम लखनऊ में गंभीरता के साथ कहना चाहते हैं कि अगर चेते नहीं तो देश का बहुत बड़ा नुकसान होने वाला है।

कम लोग ही करते हैं सरकार की आलोचना

यशवंत सिन्‍हा ने कहा कि क़म ही लोग हैं जो सरकार की आलोचना करने से डरते नहीं हैं। राघव बहल भी ऐसे ही पत्रकार हैं। आज उनके घर और दफ़्तर पर छापा पड़ा है। वो बेइमान नहीं हैं लेकिन सरकार की चाटुकारिता नहीं करते हैं। यशवंत
सिन्हा ने ये भी कहा कि आप तो अपना काम करते हो लेकिन संपादकों का अपना
हित सामने आ जाता है। हमारे सामने जो लोग हैं, वही सुन पा रहे हैं क्योंकि उनको ऊपर से आदेश है कि इनको इग्नोर करो,इन की बात मत फैलाओ। बड़े भाई और छोटे भाई शत्रुघ्न सिंहा और यशवंत सिन्हा की बात जनता तक मत
पहुंचाओ। हम इस लड़ाई को लड़ेंगे, चाहे जो भी क़ुर्बानी देनी। उन्होंने कहा
कि सब से दमदार और होनहार और सबसे लोहा लेने वाले नेता अखिलेश यादव और उनके साथियों से कहना चाहते हैं कि हम लोग सम्मिलित रूप से लड़ेंगे तो
जैसे सन 77 में जीत हुई थी, वैसे ही 2019 में भी लड़ेंगे।

अब दुर्योधन और दुशासन से लड़ने का समय

यशवंत सिन्हा ने कहा कि दुर्योधन और दुशासन से लड़ने का समय आ गया है। यह जिम्मेदारी बूढ़े लोगों को नहीं अखिलेश यादव जैसे नौजवानों को लेनी
पड़ेगी। मंत्रिमंडल का बहुत महत्वपूर्ण स्थान है देश में, लोकतंत्र में। बराबरी के स्थान पर प्रधानमंत्री हैं। आज कैबिनेट की स्थिति क्या है। भाजपा ने तय किया कि महबूबा मुफ्ती की सरकार से समर्थन वापस लेंगे। क्षेत्र के सांसद और गृह मंत्री को पता नही था कि जम्मू काश्मीर में राष्ट्रपति शासन लगेगा। यह हाल है देश के गृह मंत्री का। देश के रक्षामंत्री को नहीं पता कि राफेल का सौदा हो गया। रक्षामंत्री ने कहा था कि ये तो पीएम ने किया है, हम सिर्फ साथ में थे।

नोटबंदी पर बोले शत्रुघ्‍न सिंह

इस मौके पर शत्रुघ्न सिंहा बोले कि नोटबंदी होने वाली थी लेकिन
वित्त मंत्री को नहीं पता था कि नोटबंदी होने वाली है। उनको इस बारे में
बाद में पता चला। जब अटल जी विदेश जाते थे तो साथ चलने को कहते थे कि
आपको चलना है। आज का क्या हाल है, एक बार भी नहीं लेकर गए। उन्होंने आगे कहा कि क्या देश जबरदस्ती चलेगा। जोर-जबरदस्ती से देश नहीं चलता है।
उन्होंने ये भी कहा कि हमने बहुत बड़े बड़े लोगों के साथ काम किया है। आज
तक किसी ने दावा नहीं किया मैं गरीब हूं। लाल बहादुर शास्त्री जी कहां से
निकाल कर आये थे, कौन नहीं जानता लेकिन उन्होंने कभी भी गुड़गान नहीं
किया है। आज के छुटभैये पता नहीं अपने आप को क्या समझते हैं। शत्रु ने इस दौरान ये भी कहा कि 56 इंच के सीने की सच्चाई डोकलाम में पता
चल गई। मैं आश्वस्त होकर जा रहा हूं कि यूपी से उनकी छुट्टी हो गई है और
अगर यहां से छुट्टी हो गई तो देश से छुट्टी हो जाएगी। आज लोक नायक
महानायक सम्पूर्ण आज़ादी के नायक जय प्रकाश नारायण की जयन्ती का कार्यक्रम है।

यशवंत सिन्‍हा और जेपी में समानता

शत्रुघ्‍न सिन्‍हा ने कहा कि अब लोग यशवंत सिन्हा जो जय प्रकाश नारायण के रूप में देख रहे हैं। देश की शान-आन-बान,युवाओं की धड़कन, देश की राजनीति की जबरदस्त पकड़ बनाने वाला मेरा छोटा भाई अखिलेश यादव है। नारे लगे तो बोले कि ये कम समय मे मैच्योर हो गए हैं। अखिलेश यादव का जादू सर चढ़ कर बोलता है। जय प्रकाश नारायण की जयंती पर हम लोग पटना जाते हैं और लोगों जगाते हैं। सोने पर सुहागा हुआ कि हम लोग साथ-साथ हैं। अखिलेश तेरा जादू चल गया है। मेरा सौभाग्य था कि कई बार मिलने का मौक़ा मिला। मनोज कुमार विख्यात कलाकार मुझे बॉम्बे के हॉस्पिटल लेकर गए। वो मुझसे भोजपुरी में बात करता था कि मैं भी उनसे भोजपुरी में ही बात करता हूं। मैं फिल्मों में शोहरत के शिखर पर था। लेकिन जय प्रकाश नारायण से प्रभावित होकर राजनीति में आया। मैं उन्हीं के कहने पर देशहित और राष्ट्रभक्ति में आया हूं। अपोजीशन
में गया जबकि सत्ता पक्ष से बुलावा था। लोग मानते भी थे बुलाते भी थे।
सत्ता सेवा का माध्यम है, मेवा का माध्यम नहीं है। विपक्ष में आइए। कुछ गलती करेंगे, सीखेंगे और जब सत्ता में आएंगे तो सेवा करेंगे। आईएएस की नौकरी छोड़कर जब यशवंत सिन्हा राजनीति में सेवा के लिए आये तो मुझे भी हौसला मिला।
उन्होंने ये भी कहा कि युवा कुछ कर सकता है। मैं यशवंत सिन्‍हा के साथ
घूम-घूमकर देशभर में जय प्रकाश नारायण की बात फैला रहा हूं।  सच कहना बगावत है, तो हाँ में बागी हूँ। लोग कह रहे हैं कि आप पार्टी के खिलाफ हो गए हैं। हम देश की तरक़्क़ी चाहते हैं।

व्‍यक्ति से बड़ी पार्टी-पार्टी से बड़ा देश

शत्रुघ्‍न सिंह ने कहा कि व्यक्ति से बड़ी पार्टी होती है। पार्टी से बड़ा देश होता है। मैं आपकी पीड़ा को ज़ाहिर कर रहा हूँ, नोटबंदी पार्टी का फैसला नही था। अगर देश का फैसला होता तो अरुण शौरी, लाल कृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी और यशवंत सिन्हा और मुझे मालूम होता। नोटबंदी कर दी कितना नुकसान हुआ।
माध्यम उद्योग बंद हो गए। कितने लोग लाइन में लगे। कितनों की मौत हो गई।
महिलाओं के पास रखे पैसे खराब कर दिए। सरकार के इस फैसले ने तबाह कर
दिया। नोटबंदी से नहीं उबरे थे कि जीएसटी यानी नीम पर करेला चढ़ा दिया। पीएम ने खुद विरोध किया था मगर अचानक पलटी मार दी। रात के 12 बजे ऐसी घोषणा हुई कि जैसे दूसरी आज़ादी मिली हो, कई लोग सो गए। वन नैसशन वन टैक्स की बात की है। 365 दिन पूरे नहीं किए लेकिन जीएटी में 357 बदलाव कर दिए हैं। गुरूद्वारों के लंगर पर भी जीएसटी लगा दिया। पेट्रोल डीजल पर जीएसटी नहीं लगाया। डॉलर कहां भागा जा रहा है। राफेल का जवाब देना होगा, ये भाग नहीं पाएंगे। सुखोई और मिग बनाने वाले एचएएल को क्‍यों हटाया गया और दस दिन पुरानी बनी कंपनी रिलायंस को किस आधार पर ठेका दिया गया। ये बताना होगा।

ट्रांसपैरेंसी और ईमानदारी में से अब कुछ नहीं दिखता

शत्रुघ्‍न सिन्‍हा ने कहा कि हमने जय प्रकाश नारायण जी से सीखा था कि ट्रांसपैरेंसी और ईमानदारी बड़ी मुश्किल से दिखाई देती है। अब दोनो में कुछ नहीं दिखाई देता। इस कार्यक्रम में एक लड़के ने खड़े होकर कहा आप से प्यार हो गया है, तो मैंने उसे कहा कि मुस्कुराओ नहीं वरना metoo का आरोप लग जायेगा।

समाज के प्रति और देश के प्रति अपना योगदान देने के लिए आया हूं। एक-एक को डराने और धमकाने की कोशिश की जा रही है। बिहार में तेजस्वी यादव और

यूपी में अखिलेश यादव तैयार हैं, अब डरने की ज़रूरत नहीं है। मेरे साथ भी डराने की कोशश की गई है, किस एजेंसी से बात नहीं की। मेरी सिक्योरिटी भी दिल्ली से हटा ली गई। मैं कहता हूं कि जो करना हो करो, हम डरने वाले नहीं हैं। मेरे ऊपर कोई करप्शन का आरोप नहीं लगा है। मुझ पर भी मुसीबत आई है। मेरा बाथरूम तुड़वा दिया। जब और कुछ नहीं कर पाए तो मेरा ट्वायलेट तोड़ दिया। अब चुनाव क़रीब है तो एजेंसी भी खामोश हो रही हैं। अखिलेश और तेजस्वी को देख कर लगता है जय प्रकाश नारायण का सपना साकार होगा। मेरा प्राण जाए लेकिन मेरा वचन नहीं जाएगा।

दोनों नेताओं के आने से नई जोश और ऊर्जा मिली: अखिलेश यादव

पूर्व मुख्‍यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि दोनो नेताओं के आने से जोश और ऊर्जा मिली है। जेपीएनाइसी में यह कार्यक्रम करना चाहता था लेकिन किसी वजह से नहीं बैठ पाए। आज जब बैठे हैं तो इतनी बड़ी संख्या में लोग साथ हैं। जय प्रकाश नारायण जी को याद कर रहे हैं। उनका सम्पूर्ण क्रांति का नारा था जिस से दिल्ली की सरकार हिल गई। आज जब यशवंत सिन्‍हा और शत्रुघ्‍न सिन्हा ने जब आवाज़ दी है तो यूपी, बिहार और देश से विपक्षियों का सफाया करेंगे। हम आप तारीख नहीं जानते हैं लेकिन जो सत्ता में उनको तारीख पता है। जनता इन्तेज़ार कर रही है कि कब एलान होगा। जब नोटबंदी हुई तो गरीब को लगा कि अमीर का नुकसान हो जाएगा। भ्रष्‍टाचार दूर हो जाएगा। भष्टाचार का क्या हुआ। काले धन का क्या हुआ। तमाम सवाल होंगे। जनता सब समझ रही है। बहुत जल्दी वो टीवी पर भी खामोश हो जायेंगे। दुनिया के सबसे बड़े लीडर जहाँ बैठते हैं, वहां पीएम बोले 600 करोड़ लोगों ने चुन कर भेजा है। कबीर और गुरुनानक को साथ बैठने की बात कही। क़ानून व्यवस्था का क्या हाल है, ये सब जानते हैं। कोई सुरक्षित नहीं है। लोकतांत्रिक संस्‍थाओं पर सीधा हमला हो रहा है। सीएम ने क़ानून व्यवास्था सुधारने के लिए कहा कि जाओ ठोंक दो। इस पर यहीं पुलिस ने लखनऊ में बेगुनाह को मार दिया।  महात्मा गांधी के रास्ते पर चलते तो यह हाल नही होता। जेपी के नाम शानदार इमारत बनी है। वो व्यवक्तित्व था, जिसके सामने कोई टिक नही सकता है। समाजवादियों ने बनवाया। हमने जो फैसला लिया, उसे ज़मीन पर उतारा। पूर्व चीफ सेक्रेटरी आलोक रंजन ने अच्छा काम किया है। लखनऊ की सबसे बड़ी बिल्डिंग है। एक मंत्री ने पूछा कि यहां हेलीपैड क्यों बना  है। राजधानी में पहली बार कोई हेलीपैड बना है। समाजवादियों ने जेपी के नाम को आगे बढ़ाया है। सरकार काम पूरा नही कर रही है क्योंकि ये जेपी के नाम से है।  सम्पूर्ण क्रांति के साथ सफाया होने वाला है। यूपी बिहार के लोग जो क़माने गए थे उनको गुजरात में पीटा गया, भगाया गया। ऊंचाइयों पर बैठे लोग खामोश हैं।  उसके ही इशारे पर यह काम हो रहा है। बिहार और यूपी के लोगों को अपमानित किया गया है। महंगाई भले बढ़ी हो लेकिन साइकिल पर असर नही पड़ा है। चुनाव क़रीब है जनता समझ गई है। उन्होंने जो इस्तेमाल किया है, वही अब  उनके सामने इस्तेमाल हो रही है। उन्‍होंने क्या कहा था सब के सामने हैं। जो परिणाम आने वाला है वो हम सब के अनुसार ही होगा। क्रांति और बदलाव महिलाओं के बिना नहीं आ सकता है। हम उनको भी साथ लेकर चल रहे हैं।

हमसे शत्रुघ्‍न सिन्‍हा जी ने कहा था कि अखिलेश जी कहां इनकी लोकसभा में 73 सीट आई थीं और विधान सभा में 300 सीट आईं थीं। लेकिन इसमें ईवीएम का भी हाथ था। इस बार धांधली नहीं होनी चाहिए, जैसा पहले हुआ था। जनता सब जानती है, सही फैसला करेगी।