कानपुर : वर्ल्ड फूड डे पर सपा विधायक इरफ़ान सोलंकी ने गरीब बच्चो और महिलाओ को वीआईपी रेस्त्रा में खाना खिलाया।
वर्ल्ड फूड डे

वर्ल्ड फूड डे

रेस्त्रा में बनी जितनी भी डिश थी वो बच्चो के सामने परोसी गयी। बच्चो को देख उन्हें अपने दिन याद आ गए और वो भावुक हो उठे। बच्चो की ख़ुशी देखकर उनके चहरे पर ख़ुशी आ गयी। उन्होंने कहा जब इन बच्चो को देख कर मुझे अपने दिन याद आ गए। सपा विधायक के पिता हाजी मुस्ताक सोलंकी भी सपा से विधायक रह चुके है।
 
समाजवादी पार्टी के सीसामऊ विधान सभा से विधायक इरफ़ान सोलंकी ने बड़ी संख्या में गरीब बच्चो और महिलाओ रेस्टोरेंट में खाना खिलाया। अपने हाथ से बच्चो के लिए खाना परोसा ,इस रेस्त्रा के सामने से गुजरने वाले गरीब बच्चो ने कभी नही सोचा था कि रेस्त्रा में उन्हें खाना खाने का मौका मिलेगा है। बच्चो ने भरपेट खाने का लुफ्त उठाया और अपने विधायक को दुआए दी।
 
वर्ल्ड फ़ूड डे पर विधायक इरफ़ान सोलंकी ने बताया कि मेरे मरहूम वालिद बहुत गरीब परिवार से थे। वो फेरी का काम करते थे ,मई जून की गर्मी में जब पैरो में चप्पल नही होती थी तो पैरो में बोरा बांध कर जाते थे। जब फेरी करके खाना लाते थे इसके बाद हमारे यहाँ खाना बनता था। उस मालिक ने उन्हें नवाजा जिसे हम अल्लाह कहते है और हमारे हिन्दू भाई राम कहते है। मै यही सोचता हूँ कि जब हमारे पास नही था जो हमारे ऊपर बीती वही इन बच्चो के ऊपर भी बीत रही होगी।
 
वर्ल्ड फूड डे एक ऐसा त्यौहार है जिसे हमने इन बच्चो के साथ मनाया। इन बच्चो के माता पिता भी कही न कही बेबसी महसूस करते होगे कि काश मेरे पास भी पैसा होता तो बच्चो को हम भी खाने के लिए ले जाते। उनके चेहरे पर ख़ुशी लाने की कोशिस कर रहे है। जब हम अच्छे काम करेगे तो हमारी आने वाली पीढ़ी भी अच्छा काम करेगी।
यह काफी मशहूर रेस्त्रा है यह बच्ची बस्ती में रहने वाले है। यह बच्चे रोज यहाँ से गुजरते है इनके मन में एक टीस और बेबसी सी रहती है मेरे पिता जी के पास पैसे होते तो हम भी अन्दर जा कर खाना खाते। हमने कोशिस की है कि एक दिन के लिए उनको यह रेस्त्रा सौप दिया है जो भी उन्हें खाना हो खाए।
 
साबरा ने बताया कि जिस प्रकार इरफ़ान के पिता हाजी मुस्ताक सोलंकी गरीब बच्चो और जनता के लिए कार्य करते थे। उसी राह पर उनका बेटा इरफ़ान भी चल रहा है ,उन्होंने कहा अल्लाह करे उनका ओहदा बढ़ता जाये।