नई दिल्ली: राज्यसभा में संशोधित तीन तलाक बिल पर गतिरोध जारी है, इस बीच मामले को सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश भी शुरू हो गई है। कांग्रेस के एक राज्यसभा सांसद द्वारा भगवान राम को लेकर दिए गए बयान पर विवाद खड़ा हो गया है। दरअसल, शुक्रवार सुबह कांग्रेस सांसद हुसैन दलवई ने कहा कि हमारे समाज में पुरुष वर्ग का महिलाओं पर वर्चस्व है। उन्होंने कहा, ‘यहां तक कि श्रीरामचंद्र जी ने भी एक बार शक करते हुए अपनी पत्नी सीता जी को छोड़ दिया था। ऐसे में हमें इस परंपरा को ही पूरी तरह से बदलने की जरूरत है।’ उनके इस बयान पर बीजेपी ने कड़ी आपत्ति जताई है।

सभी समुदायों में महिलाओं के साथ अन्यायपूर्ण व्यवहार
दलवई ने कहा कि केवल मुस्लिम ही नहीं, हिंदू, ईसाई, सिख सभी समुदायों में महिलाओं के साथ अन्यायपूर्ण व्यवहार होता है। ऐसे में यह कहना कि वह (सरकार) मुस्लिम महिलाओं के हितों की रक्षा के लिए ऐसा (तीन तलाक बिल) कर रहे हैं यह गलत बात है। उधर, बीजेपी ने कांग्रेस प्रेजिडेंट राहुल गांधी से माफी मांगने की मांग की है।
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बीजेपी ने ऐसे किया पलटवार
संघ विचारक और राज्यसभा सांसद राकेश सिन्हा ने आरोप लगाया है कि कांग्रेस पार्टी एक तरफ मुस्लिम महिलाओं के हितों से जुड़े तीन तलाक विधेयक को रोकने के लिए संसद में गतिरोध पैदा कर रही है तो वहीं उसके नेता बाहर हिंदू देवी-देवताओं का अपमान कर रहे हैं।