लखनऊ: सेंटर फॉर एन्वॉयरोंमेंट एंड एनर्जी डेवलपमेंट (सीड) ने एयर क्वालिटी की गंभीरता और मौसम पूर्वानुमान को देखते हुए ‘पब्लिक हेल्थ एडवायजरी’ (जनस्वास्थ्य संबंधी सलाह) जारी की है। जनता से ‘‘जिम्मेवारी के साथ मनायें दीवाली’’ से जुड़ने की अपील करते हुए कहा है कि आने वाले दिनों में मौसमी और दीवाली के दौरान आतिशबाजी व पटाखों के इस्तेमाल से हवा की क्वालिटी बेहद खराब होगी। इससे स्थिति और गंभीर होती जाएगी।

25 अक्टूबर से 3 नवम्बर के बीच एयर क्वालिटी लेवल बेहद खराब
सीड की सीनियर प्रोग्राम ऑफिसर अंकिता ज्योति ने बताया कि जाड़े का मौसम अभी शुरू हुआ है। लखनऊ में एयर क्वालिटी अलार्मिंग स्तर पर देखी जा रही है। पिछले दस दिनों (25 अक्तूबर से 3 नवंबर के बीच) में एयर क्वालिटी लेवल ‘बेहद खराब’ केटेगरी में दर्ज किया गया है।

ऐसी नहीं कि हम वायु प्रदूषण के प्रति अनजान हैं। जाड़े के मौसम में जब तापमान और हवी की गति कम होती है, तब प्रदूषित धूलकण/ पर्टिकुलेट मैटर बढ़ते हैं, यह सब जानने के बावजूद हम तैयार नहीं हैं।

पिछली दीपावली का एयर क्वालिटी इंडेक्स बेहद खराब केटेगरी में दर्ज
पिछले साल दीवाली के दौरान लखनऊ की एयर क्वालिटी में आंके गये प्रदूषित धूलकणों/पर्टिकुलेट मैटर (पीएम 2.5) का स्तर राष्ट्रीय औसत से 4 से 5 गुना ज्यादा था। पिछली दीवाली के समय 17 से 22 अक्तूबर, 2017 के बीच एयर क्वालिटी इंडेक्स को ‘खराब’ से ‘बेहद खराब’ केटेगरी में दर्ज किया गया था।

सीड ने जारी की है ये पब्लिक हेल्थ एडवायजरी 

अपने शहर में एयर क्वालिटी में सुधार के लिए वायु प्रदूषण संबधी एक एप्प  ‘SAMEER’ (समीर) या ऑनलाइन स्रोत (ऑनलाइन AQI) पर नजर रखें।

बूढ़े, बीमार, बच्चे, गर्भवती महिलाएं और हृदय व फेफड़े संबंधी बीमीरियों से पीड़ित लोग इन दिनों घर से कम बाहर निकलें और अपनी बाहरी गतिविधियों व दिनचर्या को सीमित रखें।

ज्यादा थका देने वाली शारीरिक गतिविधियां व व्यायाम जैसे टहलना, साइकिलिंग, दौड़ना, जॉगिंग पर रोक लगाएं या आउटडोर गेम खेलने से बचें, क्योंकि दीवाली के बाद के दिनों की सुबह में वायु प्रदूषण का स्तर काफी ऊंचा होता है।

किसी तरह की सांस की तकलीफ, छाती में जकड़न व बेचैनी आदि को नजरअंदाज नहीं करें।

सीड के सीईओ ने क्या कहा?
सुप्रीम कोर्ट के निर्णय पर टिप्पणी करते हुए सीड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रमापति कुमार ने कहा कि वायु प्रदूषण उत्सर्जन स्तर में कमी लाने के लिए और एयर क्वालिटी को सुधारने के लिए किसी भी कदम का स्वागत किया जाना चाहिए। हम दीवाली के उमंग व उत्साह में पटाखे जलाते हैं, आतिशबाजी करते रहे हैं, लेकिन इसका नुकसान हमें जन स्वास्थ्य पर घातक दुष्प्रभाव के रूप में उठाना पड़ता है।

ऐसे में हमें जिम्मेवारीपूर्ण व्यवहार करना चाहिए और सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन करना चाहिए। सरकारी एजेंसियों व प्राधिकारों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश का सख्ती व कुशलता से अनुपालन हो।

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