गोरखपुर: जहां एक तरफ सूबे के मुखिया नवरात्रि पर माँ भगवती की पूजा आराधना में विलीन है वहीँ  उनके शहर में एक लड़की इन्साफ के लिए दर-दर भटकने को मजबूर है। गोरखनाथ मंदिर  में आज तीसरे दिन मुख्यमंत्री अपने आवास पर थे जिसकी सूचना पीड़ित फरियादी को लगी और वह मिलने पहुंची। हालांकि मुख्यमंत्री आला अधिकारियों के साथ एक बैठक में व्यस्त थे। पीड़ित लड़की ने सीएम कार्यालय पहुंचकर अपनी फरियाद सीएम कार्यालय पर उपस्थित अधिकारियों को बताया और मामले की जानकारी दी कि कार्यालय में मौजूद अधिकारियों ने उचित कार्यवाही का आश्वासन दिया।

यह भी पढ़ें …..शारदीय नवरात्र के दौरान 7 दिनों गोरखपुर में रह सकते हैं सीएम योगी

मामला पुराने जमीनी विवाद को लेकर  मोहल्ले के पड़ोसी लड़की के  घर पर पत्थर फेंकते हैं। मना करने पर पीड़ित लड़की की पिटाई और छेड़खानी भी करते हैं। पीड़ित लड़की कई बार थाने पर अपनी गुहार लगाई। लेकिन तिवारीपुर थाना के प्रभारी ने कोई कार्यवाही नहीं की और तो और उल्टे ही लड़की को धमकी दे डाली की मर्डर भी हो जाएगा तो भी नही जाऊँगा और कोई कार्यवाही नहीं करूंगा।

आज सुबह मुख्यमंत्री के सीएम कार्यलय पहुंची पीड़िता का सीएम से मुलाकात ना होने पर सीएम कार्यालय में उपस्थित अधिकारियों को इस बात से अवगत कराया व शिकायत की और घटना की सीसीटीवी फुटेज को अधिकारियों को दिखाया। वहीं मुख्यमंत्री कार्यालय पर उपस्थित अधिकारियों ने पीड़ित लड़की की बात सुनकर तिवारीपुर थाना प्रभारी राम भवन यादव पर जांच कर कार्यवाही का और जो भी आरोपी है उसे तत्काल गिरफ्तार करने का पीड़ित लड़की को आश्वासन दिया।

यह भी पढ़ें …..शारदीय नवरात्र : मां की पूजा-मां के रूप, इन मंत्रों से पूरी करें मनोकामनायें

वहीं मुख्यमंत्री से मिलने के बाद पीड़िता  ने बताया कि हमारे मोहल्ले के पांच से छः युवक हैं जो हमेशा हमारे घर पर पत्थर बाजी करते हैं जब भी हम थाने पर जाते हैं तो वहां से हमें भगा दिया जाता है और यह कहा जाता है कि तुम्हारा मर्डर भी हो जाएगा तो हम कुछ नहीं करेंगे। यही नहीं वह लोग हमें छेड़ते भी हैं और इसका विरोध करने पर हम से हाथापाई भी करते हैं जिसकी शिकायत लेकर आज मैं मुख्यमंत्री से मिलने आई थी लेकिन उनसे मुलाकात नहीं हो पाई और सीएम कार्यालय में बैठे अधिकारियों को जो मेरे साथ उत्पीड़न हो रहा है उसके बारे में अवगत कराया है। सीसीटीवी फुटेज भी दिखाई है उन्होंने आश्वासन दिया है कि जल्द से जल्द जांच कर कार्रवाई की जाएगी।