BJP का राहुल पर बड़ा हमला, UPA सरकार ने गैस सप्लाई दिया होता तो नहीं बंद होता फूड पार्क

BJP का राहुल पर बड़ा हमला, UPA सरकार ने गैस सप्लाई दिया होता तो नहीं बंद होता फूड पार्क

अमेठी: पांच राज्यों के चुनाव को लेकर आधिकारिक घोषणा हो चुकी है। इसके बाद ही देश में लोकसभा चुनाव का शंखनाद होना है। सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों ही 2019 का मौका गंवाना नहीं चाहता। इस परिपेक्ष में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी जहां राफेल के मुद्दे पर सरकार पर हमलावर हैं वहीं बीजेपी भी पूरी तौर पर मैदान में डटी है। गुरुवार को जब राहुल गांधी राफेल पर घपले का आरोप लगाकर हमला बोल रहे थे दूसरी ओर उनके संसदीय क्षेत्र में बीजेपी अध्यक्ष ने फूड पार्क एवं राहुल के विकास प्रतिनिधि को लेकर बड़ा हमला किया है।

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18 जून 2013 को गैस सप्लाई देने से किया था इंकार
भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष उमा शंकर पाण्डेय ने पत्रकार वार्ता कर कहा कि राहुल गांधी अमेठी में घूम-घूम के कहते हैं कि हमारी सरकार ने अमेठी में फूड पार्क बंद कराया। उन्होंंने इस संदर्भ में कुछ दस्तावेज मीडिया के समक्ष रख कर दावा किया है। कहा कि यूपीए सरकार में फूड पार्क 24 सितम्बर 2010 को अमेठी के जगदीशपुर के लिए स्वीकृत हुआ था। तमाम औपचारिकताओं के उपरान्त 6 महीनें के अंदर कार्य पूरा करना था। लेकिन जब शक्तिमान मेगा फूड ने पेट्रोलियम मंत्रालय से डोमेस्टिक गैस की सप्लाई मांगा तो मंत्रालय ने 18 जून 2013 को गैस सप्लाई देने से इंकार कर दिया। इसलिए बीजेपी को ये योजना मजबूरन बंद करना पड़ा। इसका जवाब राहुल गांधी को संसद में दिया गया।

 

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राहुल के विकास प्रतिनिधि को बताया राजस्थान कैडर का अधिकारी
वही जिलाध्यक्ष उमा शंकर पाण्डेय ने राहुल गांधी के विकास प्रतिनिधि धीरज श्रीवास्तव को भी कटघरे में खड़ा कर दिया। श्री पाण्डेय ने कहा कि चिट्ठियां लिखवाने में उनका हाथ है। वो कांग्रेस की गतिविधियों और राजनीतिक एक्टिविटीज़ में भाग लेते हैं। जबकि वो राजस्थान प्रशासनिक सर्विस के 1994 बैच के अधिकारी हैं। उन्हें किसी सांसद का प्रतिनिधि बनकर ऐसा अनाधिकृत काम नहीं करना चाहिए। धीरज श्रीवास्तव राजीव गांधी फाउंडेशन के लिए वर्तमान में नियुक्त हैं, वो उसी का काम कर सकते हैं। इस मुद्दे पर राहुल गांधी को आड़े हाथ लेते हुए उन्होंंने कहा कि क्या राहुल को इस बात की जानकारी नही थी के वो अधिकारी हैं? उमा शंकर पाण्डेय ने कहा कि हम लोकसभा में इसकी शिकायत करेगें।