बरमूडा ट्राएंगल : 5 दिसंबर 1945 को निगल लिए थे 6 प्लेन और 15 वायुसैनिक

आज की सदी में पैदा होने वालों के लिए बरमूडा घुटनों के नीचे तक जाने वाला एक हाफ पैंट से ज्यादा कुछ नहीं है। लेकिन इससे पहले की सदी में पैदा होने वालों के लिए ये एक रहस्य है। लेकिन आज हम बरमूडा पैंट की नहीं ट्राएंगल की बात करेंगे, जो हवाई जहाज से लेकर पानी के जहाज तक को पलक झपकते निगल जाता है।

लखनऊ : आज की सदी में पैदा होने वालों के लिए बरमूडा घुटनों के नीचे तक जाने वाला एक हाफ पैंट से ज्यादा कुछ नहीं है। लेकिन इससे पहले की सदी में पैदा होने वालों के लिए ये एक रहस्य है। लेकिन आज हम बरमूडा पैंट की नहीं ट्राएंगल की बात करेंगे, जो हवाई जहाज से लेकर पानी के जहाज तक को पलक झपकते निगल जाता है। दुनिया भर में इस रहस्य से जुड़े सैकड़ों किस्से हैं लेकिन 5 दिसंबर 1945 को इसका सामना पहली बार दुनिया से हुआ।

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क्या हुआ था उस दिन

अमेरिका के फोर्ट लॉडरडेल मिलिट्री एयरबेस से 5 फाइटर प्लेन 3000 घंटे फ्लाइट एक्सपीरिएंस वाले स्क्वाड्रन लीडर चार्ल्स टेलर के नेतृत्व में उड़े। अटलांटिक महासागर पर यह एक प्रशिक्षण उड़ान थी और ये फ्लाइट 19 के रूप में लिस्ट की गई थी। एयरबेस में राडार देख रहा जवान उस समय हैरान रह गया जब फ्लाइट 19 का रेडियो संपर्क तो बना हुआ था, लेकिन राडार पर उसकी स्थिति का पता नहीं चल रहा था। कुछ घंटों के बाद एक संदेश मिला, ‘यहां सब कुछ अजीब है। लगता है हम सफेद पानी में जा रहे हैं। हम बिल्कुल खो गए हैं।’

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इस सन्देश के बाद फोर्ट लॉडरडेल एयरबेस में हडकंप मच गया क्योंकि मौसम साफ था और आसपास कहीं भी किसी तूफान की सूचनाएं नहीं थीं इसके बाद एक सी-प्लेन पीबीएम-मैरिनर उनकी खोज लेने भेजा गया, लेकिन उससे भी जल्द ही संपर्क टूट गया। एक ही दिन में 6 प्लेन और 15 वायुसैनिक खो देने के बाद अमेरिका में सनसनी पैदा फ़ैल गई थी।

इसके बाद 1948-49 में यहां तीन और हवाई जहाज गायब हुए। 1955 में एक लग्जरी याट कोनेमारा फोर्थ वीरान हालत में यहां मिली इसके बाद दो स्ट्रेटो टैंकर जहाज यहां लापता हुए।