संत और बसंत के साथ संगम में डुबकी लगा रहे करोंड़ो श्रद्धालु

धर्म, आध्यात्म और तप की भूमि गंगा यमुना एवं अदृश्य सरस्वती के पावन संगम में डुबकी लगाने को करोंड़ों की संख्या में श्रद्धालुओं का रेला कुंभ में प्रवेश कर रहा था। हर कोई आस्था के संगम में पुण्य की डुबकी लगाने को लालाइत था तो वहीं संगम में निकल रहे अखाड़ों का जुलूस देख सभी उत्साहित हो उठे और संतों एवं महंतों की चरणरज उठाने को बैरिकेटिंग भी डाकने का भरसक प्रयास करते।

आशीष पाण्डेय, कुंभ नगर: धर्म, आध्यात्म और तप की भूमि गंगा यमुना एवं अदृश्य सरस्वती के पावन संगम में डुबकी लगाने को करोंड़ों की संख्या में श्रद्धालुओं का रेला कुंभ में प्रवेश कर रहा था। हर कोई आस्था के संगम में पुण्य की डुबकी लगाने को लालाइत था तो वहीं संगम में निकल रहे अखाड़ों का जुलूस देख सभी उत्साहित हो उठे और संतों एवं महंतों की चरणरज उठाने को बैरिकेटिंग भी डाकने का भरसक प्रयास करते।

यह भी पढ़ें…..केशव ने सपा-बसपा गठबंधन को बताया सांप-नेवला की जोड़ी, कहा…

अखाड़ों के शाही जुलूस जैसे ही संगम नोज पर बने वाहन स्टैण्डों तक पहुंचते वहां से संतों की घाट पर होने वाली पदयात्रा में संत अपने गुरूओं और महामंडलेश्वर के सिर पर छत्र लगाकर हर हर महादेव का उदघोष करते हुए आगे बढ़ते। संतों द्वारा एक ही नारा एक ही नाम जय श्री राम, जय श्री राम का भी गगनभेदी नारा लगाया गया। इसके बाद संतों का जत्था आखिरी शाही स्नान पर संगम में पहुंचा तो वह संगम में जल के साथ स्नान के साथ नाना प्रकार की मुद्राओं का भी प्रदर्शन करते।

यह भी पढ़ें…..जहरीली शराब से मौत पर मायावती ने कहा- मामले की हो CBI जांच

पग गप चलते जाएंगे संगम में नहाएंगे कोई राजस्थान तो कोई बिहार और कोई पंजाब से भारी संख्या में अपने लोगों संग आस्था के संगम में पुण्य की डुबकी लगाने तीर्थराज प्रयाग के कुंभ नगर पहुंचने के लिए पैदल चलते रहे। चारों तरफ भीड़ ही भीड़ हर कोई नहाने को आतुर था। जैसे ही भीड़ फोर्ट रोड से काली सड़क होते हुए संगम नोज की तरफ बढ़ी तो वहां संतों के शाही स्नान का जुलूस देख वहां ठहर गए। सभी देवतुल्य संतों का दर्शन करने को बल्लियों पर चिपक गए। संत भी श्रद्धालुओं को दूर से ही सही लेकिन आर्शीवाद देने में कोई कमी नहीं कर रहे थे। कई बार श्रद्धालु अखाड़े के मार्गों पर भी घुसने का प्रयास करते जिन्हें रोकने के लिए पुलिस बल को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।

यह भी पढ़ें…..शाहजहांपुर में भीषण सड़क हादसा, 1 की मौत, 13 घायल

रविवार दोपहर 2 बजे तक नहा चुके थे लगभग दो करोड़ श्रद्धालु बसंत पंचमी के शाही स्नान पर शनिवार से ही श्रद्धालुओं का रेला संगम पहुंच रहा था। बसंत पंचमी का शाही स्नान भले ही रविवार को था लेकिन बसंत पंचमी 9 एवं 10 तारीख को होने के कारण भारी संख्या में श्रद्धालुओं ने शनिवार को भी आस्था के संगम में पुण्य की डुबकी लगाई ओर नहाने के बाद सभी अपने अपने गंतव्य को जाते रहे। रविवार को अपराहन 2 बजे तक संगम में व सम्पूर्ण कुंभ क्षेत्र में लगभग दो करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के नहाने का अनुमान लगाया जा रहा है। मेलाधिकारी विजय किरन आनंद ने बताया कि श्रद्धालुओं की संख्या अभी भी बढ़ रही है अनुमान है कि यह आंकड़ा तीन करोड़ के करीब जा सकता है।

    Tags: