आपके कानों में लगे रहते है हरदम हेडफोन तो अब हो जाइए सावधान

0
367

जयपुर: साइंस ने हमें बहुत कुछ दिया है। जो हमारे फायदे के लिए है, जिसमें कम्युनिकेशन, ट्रांसपोर्टेशन से लेकर परमाणु हथियार तक हैं। मतलब अगर इस तरक्की को एक सरल अंदाज़ में कहा जाए तो विज्ञान ने दुनिया को उसकी जरूरत की बेसिक चीजे दी है। दूसरे शब्दों में कहा जाए तो अगर विज्ञान ने दवाई बनाई तो जख्म देने का इंतजाम भी कर लिया है। विज्ञान की अधिकतर चीजें सुविधा और उपयोग के नजरिए से बेहतर हैं, लेकिन सुविधा के साथ घातक परिणाम भी देखने को मिलते हैं।

यह भी पढ़ें….जिन पुरुषों के सीने पर होते हैं बाल तो जानिए उनका स्वभाव

कम्युनिकेशन के फ़ील्ड में ईज़ाद हुई एक ऐसी डिवाइस हेडफ़ोन की, जिसने लोगों की बेतहाशा मदद की, लेकिन साथ में उनकी हेल्दी-वेल्दी लाइफ को भी खूब नुकसान पहुंचाया। लेकिन विडम्बना की बात तो ये हैं कि लोग फिर भी इन डिवाइस के इतने एडिक्टेड हो चुके हैं कि कुछ भी हो जाए। लेकिन ये डिवाइस छोड़ने के लिए तैयार नहीं है,क्योंकि बहुत हद तक ये डिवाइस उनकी लाइफ का हिस्सा बन चुकी है।
हेडफोन से होने वाले फायदे की बात की जाए तो हेडफोन व ईयर फ़ोन से सिर्फ बात करने में आसानी होती है। लेकिन हेडफोन से नुकसान भी उतना ही ज्यादा है।
यह भी पढ़ें…दाढ़ी लड़कों के लिए फैशन नहीं, उन्हें बीमारी से भी रखता है दूर, जानिए इसके फायदे

* हमारे कान के लिए आमतौर पर 65 डेसिबल तक की आवाज परफेक्ट होती है, इसलिए इससे तेज़ आवाज को सुनने से बचना चाहिए।तेज़ आवाज में अगर लगातार 4 घंटे गाने सुनते हैं तो कम सुनने की दिक्कत हो सकती है।
*एक रिसर्च के अनुसार कान में ईयर फ़ोन लगाने से कान में बैक्टेरिया की संख्या दुगनी तेज़ी से बढ़ने लगती है।
*ईयर फ़ोन लगाने से इन्फेक्शन फैलने का खतरा भी बढ़ जाता है। ईयर फ़ोन से संक्रमण फैलने का कारण मुख्यरूप से शेयरिंग है।इसलिए जब भी शेयर करें तो उसे पहले साफ़ करें।
इसके अलावा अगर रात को सोते हुए गाने सुनते हैं तो यह कान के लिए ठीक नहीं है साइंस के मुताबिक अगर 90 डेसिबल की ध्वनि लगातार 40 घंटों तक सुनते हैं तो हमेशा के लिए बहरे हो सकते है। इसलिए अगर अब से गाने या और कुछ भी सुन रहे हैं तो एक लिमिटेड आवाज में एक निश्चित अंतराल के साथ ही सुने।

loading...