भले ही हर बात पर हैं रोती, लड़कों से 10 गुना ज्यादा लड़कियां हिम्मती होती

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भले ही हर बात पर हैं रोती, लड़कों से 10 गुना ज्यादा लड़कियां हिम्मती होती
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लखनऊ: जरा-जरा सी बात पर रो देने का मतलब नहीं होता है कि वो कमजोर होती है। हां बड़ी-बड़ी भारी चीजें भले हीं वो ना उठा पाएं, पर वो हर उस मुकाम को हासिल कर सकती हैं, जिसके बारे में वे एक बार ठान लेती हैं। वो अगर किसी के सामने अपने कदम पीछे ले जा रही हैं। तो इसका मतलब यह नहीं है कि वे डर गईं। हो सकता है कि वे उस सामने वाले शख्‍स के सम्‍मान में ऐसा कर रही हों। पर असल बात तो यह है कि उनका दिल बच्‍चों के दिलों की तरह मासूम होता है।

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अक्‍सर आपने देखा होगा कि लोग लड़कियों को रोनी और कमजोर दिल वाली कहते हैं। लोग कहते हैं कि वे कोई भी दर्द बर्दाश्‍त नहीं कर पाती हैं, फिर वह चाहे दिल टूटने का हो या मम्‍मी पापा की डांट का। एग्‍जाम में कम मार्क्‍स आने का हो या फ्रेंड से झगड़ा होने का हो। पर अगर हम आपसे कहें कि कमजोर समझी जाने वाली लड़कियां लड़कों से हर तरह के दर्द का 10 गुना ज्‍यादा झेल सकती हैं। जब एक लड़की किसी बच्‍चे को जन्‍म देती है, तो उसे जो दर्द होता है, उतना दर्द कभी भी एक लड़का नहीं झेल सकता है।

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बताते हैं आपको वो बातें जो एक लड़की को लड़के से ज्‍यादा मजबूत साबित करती हैं –

*अक्‍सर जब लड़कों को बाइक या किसी और तरह से चोट लग जाती है और खून निकलने लगता है, तो वे काफी परेशान हो जाते हैं। पर एक लड़की जो हर 3 हफ्ते के बाद पीरियड्स के दर्द को झेलती है, उसके आगे लड़कों का दर्द कुछ नहीं होता है।

*कुछ लड़कों का मानना होता है कि लड़कियां बात-बात पर रोने लगती हैं। उनको समझाना भी मुश्किल होता है। पर सच तो यह है कि लड़कियां किसी बात को अपने दिल में नहीं रखना चाहती हैं। वे उस बात को भुलाने के लिए रोती हैं और फिर अपने काम को ध्‍यान लगाकर कर पाती हैं।

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