अगर आपके घर में भी नन्हा मेहमान तो इनसे रखें हमेशा दूर

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अगर आपके घर में भी नन्हा नया मेहमान तो इनसे रखें हमेशा दूर

लखनऊ। जब भी घर में नया मेहमान आने वाला होता है तो माता-पिता उसके हिसाब से तैयारियां कर लेते हैं जैसे वॉकर, फीडिंग बोतल और डाइपर आदि ले लेते हैं। लेकिन कई बार उन्हें नहीं पता होता है कि इनमें कई ऐसी चीजें होती हैं जिनका इस्तेमाल शिशु के लिए नुकसानदेह भी हो सकता है। आइए जानते हैं कि कैसे शिशुओं को इससे सुरक्षित रखा जा सकता है।

टीथर और चुसनी: जब बच्चा 5-6 माह का हो जाता है तो जो कुछ पाता है तो उसे मुंह में डाल लेता है। ऐसे में परिजन उसे चुसनी व टीथर दे देते हैं। कई बार ठीक से सफाई न हो पाने सेे इंफेक्शन का डर रहता है। इनकी जगह पर बच्चे को अच्छी क्वालिटी व गहरे रंग के टीथिंग रिंग या प्लास्टिक की चूडिय़ां दे सकते हैं। लेकिन हर बार उसे अच्छी तरह से साफ पानी से धोकर ही दें।

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वॉकर से गिरने का खतरा: बच्चों को वॉकर देने से पूरी तरह बचें। इससे उनके संतुलन बिगडऩे से गिरने का डर रहता है। साथ ही उनके प्राकृतिक रूप से चलने में बाधा आती है जिससे कई बार बच्चा देर से चलना सीखता है।

ग्राइप वॉटर : ग्राइप वॉटर के फायदे या नुकसान का कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इसलिए इसके न देने से कोई नुकसान की बात नहीं है। लेकिन इसमें कोई खराबी है तो इससे नुकसान हो सकता है। इसे देने से बचना चाहिए।

सॉफ्ट खिलौने: बच्चों को हमेशा सॉफ्ट खिलौने खेलने को नहीं देना चाहिए। ये भी ठीक से साफ नहीं हो पाते। इसलिए इनसे बच्चे को एलर्जी या संक्रमण हो सकता है। कई बार इससे सडन इन्फेंट डेथ सिंड्रोम भी हो सकता है। हाल के दिनों में चीन से आने वाले इस तरह के खिलौनों से दूर रहने की चेतावनी भी सरकार की ओर से जारी की जा चुकी है। इसकी जगह बच्चे को ऐसे खिलौने दें जिसे धोकर साफ किया जा सके।

दूध की बोतल: डॉक्टर की मानें तो दूध बोतल का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। अगर बच्चे को दूध पिलाना है तो चम्मच या गिलास का उपयोग करना चाहिए क्योंकि इसकी सफाई न हो पाने के कारण बच्चे को पेट में दर्द या संक्रमण हो सकता है। इनसे बचना ही बेहतर है। अगर फिर भी देना पड़े तो हर बार फीड कराने से पहले इसे 10 मिनट पानी में उबालकर प्रयोग करें।

इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स: आजकल छोटे बच्चों को खुश रखने के लिए पैरेंट्स बच्चों को मोबाइल और टैब दे देते हैं जो कि बिल्कुल सही नहीं है। इनसे बच्चे के मस्तिष्क की कोशिकाओं को नुकसान पहुंच सकता है। इनकी जगह उन्हें कहानी सुनाएं या चित्रों के माध्यम से कुछ सिखाएं व बच्चों के साथ समय बिताएं। बच्चों को इलेक्ट्रॉनिक्स गैजेट्स से दूर रखना चाहिए।

डायपर: आजकल बच्चों को डायपर पहनाने का चलन सा निकल पड़ा है। इससे संक्रमण फैलने का खतरा रहता है। इसकी जगह कॉटन के कपड़े का प्रयोग बेहतर है। यदि डायपर पहना भी रहे हैं तो इसे गीला होते ही बदल दें। पहनाते समय स्किन पर थोड़ा तेल लगाने से त्वचा को सीधे नुकसान नहीं पहुंचता और संक्रमण का खतरा कम होता है।

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