उडुपी: चार साल बाद कर्नाटक के उडुपी में एक बार फिर विश्व हिंदू परिषद आज (24 नवंबर) से धर्म संसद का आयोजन कर रही है, जिसमे राम मंदिर समेत गाय और गंगा पर भी आगे की रणनीति तय होगी।

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विहिप की इस 15वीं बैठक के मुख्य भाषण में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि लोग हमारे गौ रक्षको को बदनाम करने की कोशिश कर रहे है। आरएसएस सुप्रीमो ने कहा कि गाय की रक्षा करना हमारी परंपरा है।

भागवत ने अयोध्या के राम मंदिर मुद्दे पर कहा कि राम जन्मभूमि पर राममंदिर ही बनेगा और उसी पत्थर से बनेगा।

बतादे, विहिप के इस तीन दिवसीय बैठक में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, योग गुरु रामदेव, श्री श्री रविशंकर समेत प्रमुख शंकराचार्यों, अखाड़ा परिषद, प्रमुख धर्माचार्यों और संत मौजूद रहेंगे।

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उडुपी के पेजावर मठ के ऋषि श्री विश्वेष तीर्थ स्वामी ने बताया कि अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण, गौ रक्षा, छुआछूत का सफाया, समाज सुधार और धर्मांतरण को रोकने जैसे मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। उन्होंने बताया कि धर्म संसद को राजनीति और राजनीतिक एजेंडे से पूरी तरह अलग रखा जाएगा और यह विशुद्ध रूप से हिंदु संतों का एक सम्मेलन होगा। संसद के समापन के दिन 26 नवंबर को एक संकल्प प्रस्ताव पारित किए जाएगा।

इससे पहले 2013 में प्रयाग में हुए कुंभ के मौके पर धर्म संसद की बैठक हुई थी। जिसमे 2014 में होने वाले लोकसभा चुनाव के मद्देनजर देश में मोदी को समर्थन देकर बीजेपी की सरकार बनाने का आह्वाहन किया गया था।