हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव : 9 नवंबर को वोटिंग, VVPAT का इस्तेमाल

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हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव : 9 नवंबर को वोटिंग, 18 दिसंबर को मतगणना
हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव : 9 नवंबर को वोटिंग, 18 दिसंबर को मतगणना

नई दिल्ली : हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव की वोटिंग 9 नवंबर, 2017 को होगी। वहीं 18 दिसंबर को वोटों की गिनती होगी। राज्य की सभी 68 सीटों के लिए चुनाव वेरीफाइड पेपर ऑडिट ट्रायल (वीवीपैट) के जरिए होगा। निर्वाचन आयोग ने गुरुवार (12 अक्टूबर) को प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह जानकारी दी। बता दें, कि इस समय हिमाचल में कांग्रेस की सरकार है। हिमाचल के सीएम वीरभद्र सिंह हैं।

हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव 2017 शेड्यूल

-कुल विधानसभा सीट : 68
-नोटिफिकेशन : 16 अक्टूबर, 2017
-नॉमिनेशन की लास्ट डेट : 23 अक्टूबर, 2017
-नॉमिनेशन की स्क्रूटनी : 24 अक्टूबर, 2017
-नॉमिनेशन वापस लेने की लास्ट डेट : 26 अक्टूबर, 2017
-वोटिंग : 9 नवंबर, 2017
-मतगणना / नतीजे : 18 दिसंबर, 2017

क्या कहा मुख्य चुनाव आयुक्त ने ?
मुख्य चुनाव आयुक्त एके ज्योति ने प्रेस कान्फ्रेंस के दौरान बताया कि इन चुनावों में फोटो वोटर आईडी का इस्तेमाल किया जाएगा। चुनाव के लिए राज्य के सभी 7,521 पोलिंग बूथों को ग्राउंड फ्लोर पर रखने का फैसला किया है। सभी पोलिंग स्टेशन पर दिव्यांगों के लिए सुविधा होगी। वोटिंग, नामांकन और चुनावी सभाओं की विडियोग्राफी की जाएगी। काउंटिंग हॉल की भी विडियोग्राफी की जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य में बड़े पैमाने पर अर्द्धसैनिक बलों की तैनाती की जाएगी।

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खर्च की लिमिट 
राज्य विधानसभा चुनाव के लिए खर्च की सीमा भी निर्धारित कर दी गई है। हर उम्मीदावर चुनाव के दौरान 28 लाख रुपये खर्च कर सकेंगे। चुनाव परिणाम की घोषणा के 30 दिन के भीतर उम्मीदवारों को खर्च से संबंधित अपना शपथपत्र सौंपना होगा।

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सोशल मीडिया पर पैनी नजर
चुनाव आयोग की इस बार सोशल मीडिया पर पैनी नजर रहेगी। पेड न्यूज के लिए आयोग ने जिला, राज्य और केंद्रीय चुनाव आयोग लेवल तक त्रिस्तरीय कमिटी का गठन किया है।

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आदर्श आचार संहिता लागू
मुख्य चुनाव आयुक्त एके ज्योति ने कहा कि चुनाव की घोषणा के साथ ही हिमाचल प्रदेश में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है। जिसके अंतर्गत सरकार कोई भी नीतिगत फैसले नहीं ले सकती। उसी तरह केंद्र सरकार भी हिमाचल प्रदेश के लिए कोई नीतिगत निर्णय नहीं ले सकती।

कब होंगे गुजरात विधानसभा चुनाव ?
मुख्य चुनाव आयुक्त से जब गुजरात चुनाव की तारीखों की घोषणा नहीं करने के संबंध में सवाल पूछा तो उन्होंने कहा कि गुजरात विधानसभा चुनावों में देरी की वजहों के लिए पहले कुछ कार्यालय ज्ञापन (ऑफिस मेमोरेंडम्स) जारी किया गया था और कहा कि चुनाव आयोग के पास वैधानिक रूप से 21 दिन तक चुनाव देरी से कराने का अधिकार है जिसे बढ़ाकर 45 दिन किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि हिमाचल में वोटों की गिनती से पहले गुजरात में विधानसभा चुनाव करा लिए जाएंगे।

मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि मूल सिद्धांत यह है कि कम अंतराल में होने वाले चुनावों में एक राज्य के वोटिंग पैटर्न का असर दूसरे राज्य में होने वाले चुनाव पर नहीं पड़ना चाहिए। हिमाचल के नतीजे आने से पहले गुजरात में चुनाव हो चुके होंगे।