लखनऊ: सीएम योगी आदित्‍यनाथ अब बाबा रामदेव के फूड पार्क को लेकर गंभीर हो गए हैं। गौरतलब है कि हाल के दिनों में पतंजलि के बाल कृष्‍णन के ट्वीट के बाद ये खबर फैल गई थी कि यूपी में अब फूड पार्क नहीं लग पाएगा। इसके तुरंत बाद सीएम योगी आदित्‍यनाथ ने बाल कृष्‍णन से वार्ता करके फूड पार्क के लिए हर संभव मदद देने का आश्‍वासन दिया था। अब इसी फूड पार्क को लेकर सीएम योगी ने केंद्र सरकार से 15 दिनों की मोलहत मांगी है।

30 जून तक मांगा समय

बाबा रामदेव के फूड पार्क को बचाने के लिए यूपी सरकार ने केंद्र सरकार से 15 दिन की मोहलत मांगी है। सरकार को यह कदम इसलिए उठाना पड़ा है क्योंकि पतंजलि फूड एवं हर्बल पार्क नोएडा प्रा. लि. को नोएडा और झांसी में मेगा फूड पार्क लगाने की अनुमति शर्तों पर मिली थी। केंद्रीय खादय प्रसंस्करण उदयोग मंत्रालय ने इस शर्त के साथ यह अनुमति दी थी कि यदि 15 जून तक यूपी सरकार फूड पार्क स्थापित करने के संबंध में अंतिम अनुमोदन नहीं देती है तो यह परियोजना बिना किसी सूचना के निरस्त कर दी जाएगी।

पतंजलि की ​तरफ से इस बाबत अवस्थापना एवं औदयोगिक विकास आयुक्त को पत्र लिखकर बीते 11 जून को अवगत कराया गया। शासन को यह जानकारी मिलते ही हड़कम्प मच गया। परियोजना के अनुमोदन की तिथि बढाने के लिए कसरत शुरु हो गई। आयुक्त अनूप चंद्र पाण्डेय ने खादय प्रसंस्करण उदयोग मंत्रालय, जेपी मीणा को इस बाबत पत्र लिखकर अगले 15 दिन यानि 30 जून तक की मोहलत मांगी है।

पत्र में लिखा- हम रियायत देने पर कर रहे मंथन

आयुक्त अनूप चंद्र पांण्डेय ने पत्र में लिखा है कि उपाध्यक्ष पतंजलि आयुर्वेद लि. एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी हर्बल पार्क नोएडा ने पत्र लिखकर इस बाबत अवगत कराया है। शासन स्‍तर पर पतंजलि आयुर्वेद लि और उसकी अन्य इकाईयों को सुपर मेगा परियोजना के तहत कुछ सुविधाएं व रियायतें दिए जाने के संबंध में अग्रेतर कार्यवाही विचाराधीन है। उन्होंने सचिव जेपी मीणा से अनुरोध किया है कि केंद्रीय कमेटी की तरफ से मेगा फूड पार्क के अप्रूवल के लिए दिए गए समय की सीमा अगले 15 दिन तक बढाई जाए। जिससे अंतिम अनुमोदन प्राप्त किया जा सके।

क्या है मामला?

बाबा रामदेव की कंपनी पतंजलि आयुर्वेद यमुना औद्योगिक विकास प्राधिकरण में एक मेगाफूड पार्क बना रही है। प्रदेश सरकार ने इसके लिए 455 एकड़ जमीन आवंटित की है। केंद्र सरकार के खाद्य एवं प्रसंस्करण विभाग ने इसकी सैद्धांतिक मंजूरी भी दे दी है। इसमें विवाद तब उठा। जब पतंजलि आयुर्वेद ने पूर्व आवंटित 455 एकड़ में से 91 एकड़ जमीन अपनी सब्सीडियरी पतंजलि फूड एवं हर्बल पार्क नोएडा को हस्तांतरित करने की मांग की।

इस पर शासन विचार कर ही रहा था कि पतंजलि की तरफ से फूड पार्क को नोएडा से बाहर ले जाने की बात कही गई। इसके बाद से यह मामला गरमा उठा है। इस पर अंतिम फैसला यूपी कैबिनेट की बैठक में होना है। बहरहाल, मंगलवार को हुई ​कैबिनेट की बैठक में बाबा रामदेव के पतंजलि फूड एवं हर्बल पार्क को 91 एकड़ जमीन हस्तांतरित करने का प्रस्ताव नहीं पेश किया गया।