नई दिल्ली:सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा केंद्रीय सतर्कता आयोग(सीवीसी) के सामने पेश हुए। उन्होंने अपने ऊपर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों पर जवाब दिया। उन्होंने घूस सहित अन्य सभी तरह के आरोपों को खारिज किया। आलोक वर्मा के खिलाफ यह जांच सीबीआई के स्पेशल डायरेक्टर राकेश अस्थाना की शिकायत पर हो रही है।

केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) निदेशक आलोक वर्मा शुक्रवार को भी मुख्य सतर्कता आयुक्त (सीवीसी) के ऑफिस पहुंचे। जहां सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज ए के पटनायक, के वी चौधरी (सीवीसी) की सदस्यता वाली कमेटी ने उनका बयान दर्ज किया। इसके पहले आलोक वर्मा गुरुवार को भी सीवीसी ऑफिस पहुंचे थे और 40 मिनट रहे।

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दरअसल राकेश अस्थाना की शिकायत पर आलोक वर्मा के खिलाफ जांच चल रही है। दोनों अफसरों के बीच मची रार सार्वजनिक हो गई तो केंद्र सरकार ने दखल दी और उन्हें छुट्टी पर भेज दिया, वहीं कई अफसरों का ट्रांसफर भी कर दिया। जिसके बाद अब सीवीसी दोनों अफसरों के खिलाफ जांच कर रही है।

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सीबीआई निदेशक ने हैदराबाद के व्यापारी सतीश सना से तीन करोड़ रुपये की कथित घूस लेने के आरोप में सीबीआई के स्पेशल डायरेक्टर राकेश अस्थाना के खिलाफ केस दर्ज करवाया था। जिसके बाद राकेश अस्थाना ने सीबीआई निदेशक पर ही इस मामले में आरोपी को बचाने के लिए दो करोड़ रुपये घूस लेने का आरोप लगाया।

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आपको बता दें कि मीट व्यापारी मोइन कुरैशी के खिलाफ इस समय प्रवर्तन निदेशालय हवाला के मामलों की जांच कर रहा है। इसके तार दुबई, लंदन और यूरोप में कई जगह तक फैले हो सकते हैं। जांच एजेंसी ने यह भी बताया है कि आयकर विभाग से मिले दस्तावेजों के मुताबिक मोइन कुरैशी ने ‘उच्चाधिकारियों’ से ‘अनुचित’ काम कराने के बदले कई लोगों से काफी पैसे लिए हैं।