भू-माफिया मोती गोयल की गोली मारकर हत्या, करोडों की जमीन पर कर रखा था कब्जा

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नोएडा : बाहुबली भू-माफिया मोती गोयल की गोली मारकर हत्या कर दी गई। हत्या कोतवाली सेक्टर-49 थाना क्षेत्र के हिंडन विहार में की गई। गोयल को तीन गोली मारी गई। मौके पर सात खोके बरामद किए गए। गोली मारने वाले बदमाश मोटरसाइकिल से पहुंचे थे। हत्या की वजह जमीनी विवाद बताई जा रही है। जिस जमीन पर विवाद चल रहा था वहा गोयल बिल्डिंग का निर्माण करवा रहा था। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
बदमाशों की तलाश की जा रही है।
हिंडन विहार के पास करीब 300 करोड़ रुपए की जमीन है। यह जमीन मोती गोयल की है। यहा एक बिल्डिंग का निर्माण किया जा चुका है। जबकि दूसरी बिल्डिंग निर्माणाधीन है। पहले यहां भैंस पाली जाती थीं। गोयल के साथ कुछ लोगों का विवाद हुआ था। आरोप है कि इस जमीन को मोती गोयल ने अपना बताया था। यह लोग जमीन पर निर्माण का विरोध कर रहे थे। सत्ता परिवर्तन के बाद भाजपा के कुछ नेता मोती गोयल के विरोध में थे। हालांकि यह रंजिश राजनीति के कारण नहीं थी।
सोमवार को गोयल निर्माणाधीन बिल्डिंग का काम देखने आया था। शाम करीब पांच बजे दो बदमाश मोटरसाइकिल से मौके पर पहुंचे। बदमाशों ने अंधाधुंध फायरिंग की। गोयल को तीन गोलियां लगी। उसकी मौके पर ही मौत हो गई। सूचना मिलने पर कोतवाली सेक्टर-49 पुलिस पहुंची। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस ने घटना स्थल को सील कर दिया है। साथ ही गोयल के करिबियों से पूछताछ की जा रही है। एसपी सिटी अरूण कुमार ने बताया कि हत्या की वजह जमीनी विवाद है। पूरे मामले की जांच की जा रही है। जल्द ही बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
2005 में गाजियाबाद पुलिस ने घोषित किया भू-माफिया
1997 में मोती गोयल ने फर्जी दस्तावेज के आधार पर गाजियाबाद के वैशाली व कौशांबी में करीब 400 करोेड़ रुपए की जमीन पर अवैध कब्जा कर लिया था। मामले में सुप्रीम कोर्ट ने 2014 में जमीन पर यथस्थिति बनाते हुए जमीन जीडीए को वापस करने को कहा। यही नहीं, अर्थला , इंदिरापुरम व जेवर में भी अरबों रुपए की जमीन मोती गोयल ने अपने नाम की थी। इस जमीन की कीमत करीब 600 करोड़ रुपए आंकी जा रही थी। गाजियाबाद के तत्कालीन डीएम संतोष यादव के निर्देश पर 2005 में पुलिस ने मामले की जांच की। मोती गोयल के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया और मोती गोयल को भू-माफिया घोषित कर दिया गया। इसके बाद नोएडा , ग्रेटर नोएडा में मोती गोयल ने कई जमीनों पर कब्जा किया।
जेल से करता था आपरेट
बसपा शासन काल में मोती गोयल जमीन स्कैम मामले में जेल भेज दिया गया था। लेकिन दबदबा इतना था कि गोयल के लिए जेल में आराम का सारा साजोसामान मौजूद था। उस दौरान जांच के दौरान दो मोबाइल फोन भी मिले थे। जिसके बाद जेल प्रशासन पर सख्ती बरती गई थी। सपा शासन में गोयल की गाजियाबाद, नोएडा व बुलंदशहर में तूती बोलती थी। आलम यह था गोयल पर गाजियाबाद नोएडा में दर्जनो मुकदमे दर्ज थे।

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