सुप्रीम कोर्ट का आदेश, यूपी के मंत्री गायत्री प्रजापति के खिलाफ दर्ज हो गैंगरेप की FIR

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नई दिल्ली: यूपी चुनाव के दो चरण पूरे हो चुके हैं और तीसरे चरण की वोटिंग 19 फरवरी को होनी है, लेकिन उससे ठीक पहले समाजवादी पार्टी को बड़ा झटका लगा है। सुप्रीम कोर्ट ने अखिलेश सरकार के परिवहन मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति के खिलाफ गैंगरेप और यौन उत्पीड़न केस में एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने इस केस पर यूपी  सरकार से आठ हफ्तों के भीतर जवाब मांगा है। बता दें कि गायत्री प्रसाद इस चुनाव में अमेठी सीट से समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार हैं। इसी सीट से कांग्रेस की अमिता सिंह भी चुनाव लड़ रही हैं। गायत्री प्रजापति को मुलायम सिंह यादव का करीबी माना जाता है।

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क्या है मामला ?
पीड़िता मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति के खिलाफ एफआईआर दर्ज न होने पर सुप्रीम कोर्ट गई थी। उसका कहना था कि उसके साथ गैंगरेप हुआ है और उसकी बेटी का भी यौन उत्पीड़न किया गया। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने तुरंत एफआईआर दर्ज करने के आदेश दे दिए। इससे पहले उन पर आय से अधिक संपत्ति रखने, अवैध कब्जे, अवैध खनन समेत कई आरोप लग चुके हैं।

गायत्री को बर्खास्त कर चुके हैं अखिलेश
सितंबर 2016 में सीएम अखिलेश यादव ने पहली बार भ्रष्टाचार के आरोप लगने के बाद गायत्री प्रजापति और राजकिशोर सिंह को बर्खास्त कर दिया था। गायत्री खनन मंत्री थे और उन पर अवैध खनन की गतिविधियों में शामिल होने का आरोप है। उन पर सीबीआई का शिकंजा कसने का संकेत मिलते ही सीएम अख‍िलेश ने उन्हें बर्खास्त कर दिया था। हालांकि, बाद में मुलायम सिंह यादव के कहने पर अखिलेश ने गायत्री को पार्टी में वापस लिया था।

सौजन्य: ANI