SC की अवमानना नागेश्वर राव पर पड़ी भारी, दिनभर कोर्ट में खड़े रहने की मिली सजा

चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने कोर्ट की अवमानना मामले में सीबीआई के पूर्व अंतरिम निदेशक नागेश्वर राव को दोषी माना है। चीफ जस्टिस ने सुनवाई करते हुए राव को कोर्ट की अवमानना का दोषी ठहराया। साथ ही उन्हें सजा के तौर पर एक लाख रुपए का जुर्माना और दिनभर कोर्ट में खड़े रहने का आदेश दिया है।

नई दिल्ली: चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने कोर्ट की अवमानना मामले में सीबीआई के पूर्व अंतरिम निदेशक नागेश्वर राव को दोषी माना है। चीफ जस्टिस ने सुनवाई करते हुए राव को कोर्ट की अवमानना का दोषी ठहराया। साथ ही उन्हें सजा के तौर पर एक लाख रुपए का जुर्माना और दिनभर कोर्ट में खड़े रहने का आदेश दिया है।

ये भी देखें : ‘मेरा परिवार भाजपा परिवार’ अभियान: CM ने कार्यकर्ता अभिषेक के घर फहराया पार्टी का झंडा

नाराज चीफ जस्टिस ने कहा, नागेश्वर राव को सुप्रीमकोर्ट के पुराने आदेश का पता था, तभी उन्होंने लीगल विभाग से राय मांगी और लीगल एडवाइज़र ने कहा था कि एके शर्मा का ट्रांसफ़र करने से पहले सुप्रीमकोर्ट में हलफ़नामा दायर कर इजाज़त मांगी जाए लेकिन, ऐसा क्यों नहीं किया गया।

उन्होंने कहा, फाइल नोटिस से साफ से है नागेश्वर को सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बारे में पता था।

ये भी देखें : अहमदाबाद से अमित शाह ने शुरू किया ‘मेरा परिवार, भाजपा परिवार’ अभियान

इससे पहले एम नागेश्वर राव ने स्वीकार किया कि सीबीआई का अंतरिम प्रमुख रहते हुए जांच एजेंसी के पूर्व संयुक्त निदेशक शर्मा का तबादला करके उन्होंने ‘गलती’ की। उन्होंने कोर्ट से माफी मांगते हुए कहा कि कोर्ट के आदेशों का उल्लंघन करने की उनकी कोई मंशा नहीं थी।