किसकी होगी ‘साइकिल’: कल आ सकता है EC का फैसला, मुलायम ने बनाई अलग रणनीति

किसकी होगी साइकिल? चुनाव आयोग आज सुना सकता है फैसला

नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश में चुनाव अब काफी नजदीक हैं, लेकिन अब तक किसी को नहीं पता कि ‘साइकिल’ किसकी होगी। कौन ‘साइकिल’ की सवारी करेगा। आखिर चुनाव आयोग का फैसला क्या होगा। वहीं, समाजवादी पार्टी के मुखिया मुलायम सिंह यादव ने चुनाव आयोग के फैसले को लेकर अपनी रणनीति बनाना शुरू कर दिया है। दिल्ली में 16 अशोक रोड स्थित मुलायम सिंह के आवास पर इस वक्त बैठक चल रही है। इसमें उनके भाई शिवपाल यादव और अमर सिंह भी शामिल हैं। साइकिल चुनाव चिह्न फ्रीज पर होने पर मुलायम ने वैकल्पिक सिंबल का भी इंतजाम कर लिया है। मुलायम खेमा चौधरी चरण सिंह की पार्टी लोकदल के संपर्क में है। लोकदल के अध्यक्ष सुनील सिंह से मुलायम और शिवपाल ने बातचीत भी की है। ‘खेत जोतता हुआ किसान’ नया चुनाव चिह्न हो सकता है। वहीं अखिलेश भी अपने आवास 5केडी पर मीटिंग कर रहे हैं।

नहीं टूटने दूंगा पार्टी: मुलायम
समाजवादी पार्टी के मुखिया मुलायम सिंह यादव ने बीते बुधवार को पार्टी कार्यालय पर प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा था कि आप भी जानते हैं कि पार्टी को तोड़ने में कौन लगा हुआ है। कौन यह सारी साजिश रच रहा है। कौन बीजेपी के बड़े नेताओं से मिलता है। बहुत मेहनत से पार्टी खड़ी की है। इसे बनाने के लिए कितने लोगों ने लाठियां खाईं हैं। इस पार्टी को बनाने के पीछे कितनी लंबी संघर्ष की कहानी है। हम नहीं चाहते हैं कि पार्टी टूटे। जो मेरे पास था, वो सारा दे दिया। अब मेरे पास क्या है। हम पार्टी को टूटने नहीं देंगे। मुझे कार्यकर्ताओं पर पूरा भरोसा है। प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद मुलायम शिवपाल के साथ दिल्ली के लिए रवाना हो गए।

अब मेरे पास क्या बचा है ?
मुलायम ने यह भी कहा था कि खिलेश को सीएम बना दिया। जो कुछ था सब इन्हें दे दिया। अब मेरे पास क्या बचा है। मैंने गरीबी में परिवार छोड़ा। पार्टी के लिए जेल गए, लाठियां खाईं, तब जाकर कहीं खड़ी हो पाई है पार्टी। आप लोगों ने तकलीफें झेली हैं। परिवार भी छोड़ा। अपने बारे में क्या कहूं कि कितनी बार जेल जाना पड़ा। क्या मैंने मामूली तकलीफ झेली है। जब मैं जेल में था, तब शिवपाल पार्टी को देखता था। रामगोपाल ने लिख कर दिया है कि हम मोटर साइकिल चुनाव चिन्ह मांग रहे हैं। वो बीजेपी से जाकर मिल गए हैं। रामगोपाल ने चुनाव आयोग से अखिल भारतीय समाजवादी पार्टी नाम और मोटरसाइकिस सिंबल मांगा है। हम पार्टी को भी एक रखना चाहते हैं और परिवार को भी, लेकिन एक आदमी ऐसा होने नहीं दे रहा है।

मैं ही हूं पार्टी का सुप्रीमो: मुलायम सिंह यादव
इससे पहले बीते रविवार को मुलायम सिंह यादव ने दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई थी। इसमें उन्होंने कहा था कि जनेश्वर मिश्र पार्क में 1 जनवरी को बुलाया गया पार्टी का आपातकालीन विशेष राष्ट्रीय अधिवेशन असंवैधानिक था। रामगोपाल को वो पहले ही 6 साल के लिए पार्टी से निकाल चुके हैं। मैं अभी भी पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष हूं और अखिलेश यादव उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री हैं।

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