लखनऊ : अयोध्या में दीपोत्सव मना लौटे सीएम योगी आदित्यनाथ ने वहां भले ही साधू संतों के विरोध के बाद राम मंदिर निर्माण की घोषणा ना की हो। लेकिन आज उन्होंने कहा सरकार में मंथन चल रहा है भगवान राम की प्रतिमा को लेकर। इसके साथ ही उन्होंने कहा अयोध्या में राम मंदिर था है और रहेगा भी।

स्‍वामी चिन्‍मयानंद का बयान- सुप्रीम कोर्ट देश से बड़ा नहीं, फैसले का नहीं सिर्फ रूख का इंतजार

पूर्व केन्द्रीय गृह राज्यमंत्री स्वामी चिन्मयानंद ने अयोध्या मामले पर बङा बयान दिया है। ये बयान उस वक्त दिया गया, जब सुप्रीम कोर्ट में अयोध्या मामले पर सुनवाई शुरू हो चुकी है। उनका कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार एक तय समय तक ही किया जाएगा। क्योंकि हो सकता है कि इस केस को कोर्ट लंबा खींच दे। इसलिए अगर हमें और ज्‍यादा उलझाने की कोशिश की तो हम उसका इंतजार नहीं कर सकते।

वहीं कोर्ट पर तंज कसते हुए कहा कि तारीख पर तारीख का इंतजार कैसे करें। वहीं फैजाबाद का नाम अयोध्या रखने का समर्थन किया और अपने शहर के मुगलों के नाम पर मोहल्ले रखे जाने पर उनका नाम बदलने की मांग की।

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 सुप्रीम कोर्ट को किया कठघरे में खड़ा

बीजेपी के पूर्व केन्द्रीय ग्रह राज्यमंत्री स्वामी चिन्मयानंद सरस्वती अयोध्या मूवमेंट से जुड़े रहे हैं। उन्होने आज अयोध्या मामले पर सुप्रीम कोर्ट पर बङा सवाल किया है कि उन्होंने सुप्रीम कोर्ट को ही कटघरे मे खङा कर दिया है। स्वामी चिन्मयान्नद का कहना है कि हम एक समय तक ही सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार कर सकते हैं। क्योंकि सौ साल से ज्यादा के केस अभी कोर्ट मे चल रहे हैं। जिनमें सिर्फ तारीख पर तारीख मिलती रहती है। इसलिए हो सकता है कि सुप्रीम कोर्ट में इस केस को लंबा खीचने के लिए हमे उलझा दें। लेकिन अब हम उलझना नही चहाते है। और फिर कोई भी कोर्ट देश से बङा नही होता है। अगर कोर्ट इस केस को लंबा खीचेगी तो हमारे पास देश की जनता का साथ है और हमारी सरकार है। हम जल्द ही वहां पर राम मंदिर का निर्माण कराएंगे।

वहीं उन्होंने कहा कि अयोध्या मामले से जुड़े अब तक सिर्फ दो लोग बचे है। जिसमे एक नितगोपाल दास और हम। इसलिए हमे लग रहा हे कि अब हमारे जीते जी राम मंदिर बना देख सकेंगे और जल्द अयोध्या मे रामलला विराजमान होंगे।

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धीरे धीरे हो रही संस्‍कृति की वापसी

फैजाबाद का नाम अयोध्या होने का समर्थन भी स्वामी चिन्मयान्नद ने किया है। अभी जल्दी इलाहाबाद का नाम बदलकर प्रयागराज किया और अब फैजाबाद का नाम अयोध्या होगा। हममारी संस्कृति मुगलकाल मे बदल गई थी। लेकिन धीरे धीरे हम अपनी संस्कृति फिर से ला रहे हैं। जिसमे आंशिक रूप से हमे कामयाबी मिल गई है और पूरी कामयाबी की तरफ से भी हमारे कदम बढ़ चुके हैं।

वही शाहजहांपुर का नाम बदलने के सवाल पर कहा कि शाहजहांपुर का नाम बदलना तो कैबिनेट मंत्री सुरेश कुमार खन्ना के हाथ में है लेकिन हम यहां के मोहल्ले के नाम जरूर बदलना चाहते है। क्योंकि यहां के मोहल्लो के नाम मुगलों के कबीलों पर रखे गए हैं। अब यहां पर कबीले वाले नहीं रहते हैं यहां अब सभ्य और समझदार लोग रहते हैं।