विश्व एड्स दिवस: जानें कब सामने आया था पहला मामला, HIV से जुड़ी ये जरूरी बातें

नई दिल्ली: पूरी दुनिया में आज का दिन (1 दिसंबर) एड्स दिवस के रूप में मनाया जाता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक इस वर्ष की थीम लोगों में ये जागरुकता फैलानी है कि हर व्यक्ति अपने एचआईवी स्टेटस के बारे में जानने की कोशिश करे। हर इंसान को अपने एचआईवी स्टेटस की जानकारी होनी चाहिए। दुनियाभर में इस बीमारी को रोकने के लिए कोशिशें जारी हैं। एड्स के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से साल 1988 से इसकी शुरुआत की गई थी।

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एड्स (Aids) वर्तमान युग की सबसे बड़ी स्वास्थ्य समस्याओं में से एक है। UNICEF की रिपोर्ट के मुताबिक 36.9 मिलियन लोग HIV के शिकार हो चुके हैं। भारत सरकार द्वारा जारी किए गए आकड़ों के अनुसार भारत में एचआईवी (HIV) के रोगियों की संख्या लगभग 2.1 मिलियन है। दुनिया में सबसे ज्यादा HIV पीड़ित लोगों की सूची में तीसरे नंबर पर आता है।

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AIDS (एक्वायर्ड इम्युनोडेफिशियेंसी सिंड्रोम ) को शुरुआत में होमोसेक्सुअल आदमियों की एक बीमारी समझा जाता था और इसे GIRD (Gay-Related Immune Deficiency) यानी समलैंगिक लोगों में पाई जाने वाली रोगप्रतिरोधक क्षमता की कमी समझा गया था। इस बीमारी को AIDS नाम सन 1982 में मिला था। अमेरिकन हेल्थ और ह्यूमन विभाग ने 29 अप्रैल 1984 को AIDS के कारण के तौर पर ‘रेट्रोवायरस’, जिसे बाद में HIV (Human Immunodeficiency Virus) नाम दिया, की घोषणा कर दी। HIV इंफेक्शन से होने वाली मौत का सबसे बडा़ कारण है।

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सेन फ्रांसिस्‍कों के एक व्‍यक्ति में पहली बार HIV के लक्षण दिखाई दिए थे। WHO की एक रिपोर्ट के मुताबित इस बीमारी का पहला केस 1981 में सामने आया था। इतने लंबे अर्से के दौरान होने वाले वैज्ञानिक खोजों, सालों से चल रहे रिसर्च और पूरी दुनिया में एड्स पर जागरुकता बढ़ने के बावजूद इस बीमारी का अभी तक कोई इलाज नहीं है।

इन कारणों से होता है एड्स
-अनसेफ सेक्स (बिना कनडोम के) करने से।
-संक्रमित खून चढ़ाने से।
-HIV पॉजिटिव महिला के बच्चे में।
-एक बार इस्तेमाल की जानी वाली सुई को दूसरी बार यूज करने से।
-इन्फेक्टेड ब्लेड यूज करने से।

एचआईवी के लक्षण? एचआईवी के लक्षण? (HIV/AIDS Symptoms)
एचआईवी/एड्स होने पर निम्‍न प्रकार के लक्षण दिखाई देते हैं…
-बुखार
-पसीना आना
-ठंड लगना
-थकान
-भूख कम लगना
-वजन घटा
-उल्टी आना
-गले में खराश रहना
-दस्त होना
-खांसी होना
-सांस लेने में समस्‍या
-शरीर पर चकत्ते होना
-स्किन प्रॉब्‍लम
एचआईवी/एड्स होने पर निम्‍न प्रकार के लक्षण दिखाई देते हैं…
-बुखार
-पसीना आना
-ठंड लगना
-थकान
-भूख कम लगना
-वजन घटा
-उल्टी आना
-गले में खराश रहना
-दस्त होना
-खांसी होना
-सांस लेने में समस्‍या
-शरीर पर चकत्ते होना

बचाव ही उपाय है…..
विश्व एड्स दिवस पर यह सभी लोगों के लिए एक मौका है कि हम एचआईवी एड्स के बारे में जानें व इस लाइलाज बीमारी के बारे में लोगों को जागरूक करें। जिससे इस खतरनाक बीमारी को जड़ से खत्म किया जा सके।

एचआईवी एड्स एक लाइलाज बीमारी है और इससे बचाव ही इसका एकमात्र उपचार है। हालांकि पिछले कुछ सालों से वैज्ञानिकों ने इस बीमारी का इलाज ढूंढने की कोशिश की है पर उन्हें अभी सफलता नहीं मिल पाई है। अब हमारे सामने एक ही रास्ता बचता है वह है बचाव का रास्ता जो बिना सही जानकारी के संभव नहीं है।

लोगों को समझने की जरूरत है कि एड्स संक्रमित व्यक्ति के साथ खाना खाने, बैठने-उठने, या उसे छूने से नहीं फैलता है, बल्कि यह सिर्फ संक्रमित व्यक्ति के रक्त के संपर्क में आने व उसके साथ यौन संबंध बनाने से फैलता है।

दरअसल चिंता की बात यह है कि अशिक्षा व जागरूकता के अभाव की वजह से लोगों के बीच भेदभाव विकराल रूप लेता चला जा रहा है। ऐसे में हमारे सामने सिर्फ एक उपाय बचता है कि हम सोशल मीडिया व अन्य माध्यमों की सहायता से एड्स की स्वयं सही जानकारी लें व लोगों को भी एड्स की सही जानकारी से रूबरू कराएं। तभी 1 दिसंबर को मनाए जाने वाले एड्स दिवस का मूल उद्देश्य सफल हो पाएगा और हम और हमारा विश्व एड्स मुक्त हो पाएगा।