जयपुर: किताबें पढ़ना अच्छी आदतों में से एक है। किताबें पढ़ना ज्ञान, शब्दावली, लेखन शैली और बहुत से गुणों को बढ़ाता है। इन फायदों के अलावा भी किताब पढ़ना, एक बेहतर और स्वस्थ इंसान बनाता है।  शायद ही जानते होंगे कि किताबें पढ़ने से  मानसिक स्वास्थ्य भी मजबूत होता है। इससे ना केवल  याददाश्त बढ़ती है बल्कि सोचने-समझने की क्षमता में भी सुधार होता है। किताब पढ़ना  दिमाग के लिए एक एक्सरसाइज के तौर पर काम करता है। यह एक मशीन के लिए लुब्रिकेशन की तरह होता है। इसलिए  किताबें पढ़ना शुरु करें और समझें कि मेंटल टेंशन किताब पढ़ने से कैसे बेहतर स्वस्थ होता है।

 *किताबें पढ़ने से 68 प्रतिशत तनाव कम हो सकता है। पढ़ना तनाव के स्तर को कम करता है। इसी तरह संगीत सुनना, खेलना आदि तनाव मुक्त रहने में मदद करता है। जब भी लंबे समय तक तनावपूर्ण महसूस कर रहे हों तो थोड़े समय के लिए किताब पढ़ें, आराम महसूस करेंगे।

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*जब  किताब पढ़ते हैं तो अपने वास्तविक जीवन के साथ जुड़ पाते हैं। किताब पढ़ने से  अपने जीवन में चल रही समस्याओं का समाधान खोजने में मदद मिलती है। इसलिए किताब पढ़ना एक थेरेपी की तरह काम करता है। किताबें  सकारात्मकता को बढ़ाने में मदद करती हैं और  यह महसूस कराती हैं कि  अकेले नहीं हैं।

*किताबें पढ़ने से  बुद्धि बढ़ती है। यह  दिमाग को कई तरीकों से सोचने में मदद करती है। जो भी पढ़ते हैं, उससे नए शब्द सीखने को मिलते हैं। साथ ही यह  कल्पना करने की क्षमता और रचनात्मकता को भी बेहतर करता है।

*एक अच्छी किताब पढ़ने से  दिमाग की उम्र बढ़ती है। अध्ययनों से पता चला है कि जो लोग रचनात्मक या बौद्धिक गतिविधियों जैसे पढ़ना आदि करते हैं, उनका दिमाग जवां रहता है और किताबें ना पढ़ने वाले लोगों की तुलना में, उनके कॉगनिटिव डिकलाइन रेट 32 प्रतिशत कम होता है