EXCLUSIVE INTERVIEW : पार्टी पर बोले मुलायम- I AM THE BOSS

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  Yogesh Mishra

लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव भले ही सर पर हो पर सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव को राष्ट्रीय फलक की चिंता भी कम नहीं है। मुलायम सिंह यादव ने newstrack.com से एक्सक्लूसिव बातचीत में कहा कि देश की सारी समस्याओं की जड़ कांग्रेस है। उन्होंने साफ लब्जों में कहा कि कश्मीर समस्या भी कांग्रेस की ही देन है और यही वजह है कि उसके पास इस समस्या का कोई हल नहीं है। साथ ही उन्होंने कहा कि अब तक कि किसी सरकार ने नक्सली समस्या को ठीक से हल करने की कोशिश ही नहीं की। अपनी पार्टी में मचे घमासान पर मुलायम ने साफ कर दिया कि वो पार्टी के मुखिया हैं और उनके रहते कोई समस्या नहीं हो सकती है। पेश है newstrack.com से मुलायम की एक्सक्लूसिव बातचीत के प्रमुख अंश:

क्या पार्टी में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है? कहा जा रहा है कि समाजवादी पार्टी के बड़े नेताओं में मतभेद है।

मुलायम : पार्टी में अब कोई झगड़ा नहीं है। मैं पार्टी का मुखिया हूं। सबसे बड़ा हूं। ऐसे में पार्टी और सरकार में जो गड़बड़ी होती उस पर बोल देता हूं। जब भी कोई गलती करेगा तो मैं बोलूंगा। मैं ही बॉस हूं, ऐसे में सबको इंगित करता रहता हूं। मैं जो चाहूंगा वही पार्टी में होगा। मैं खुद अब जनता के बीच निकलूंगा। उनकी समस्या सुनूंगा, जो गलत होगा उसे सही कराऊंगा। पार्टी की प्रचार कमान मेरे ही हाथ ही रहेगी। शिवपाल, अखिलेश या परिवार में कोई दो पक्ष है ही नहीं, जहां भी समस्या होती है वहां पर बातचीत से सुलझ जाती है।

 कश्मीर अशांत है। आप खुद रक्षामंत्री रहे हैं। क्या कहेंगे पूरी समस्या पर?

मुलायम : जब मैं देश का रक्षामंत्री था तो भी हालात ऐसे ही थे। इससे निपटने के लिए मैं कश्मीर गया सुबह की चाय फारुख अबदुल्ला के साथ पी, दोपहर का खाना मैंने मुफ्ती मोहम्मद सईद के साथ खाया और तीसरे धड़े से भी बात की। इस पूरी कोशिश का असर यह रहा था कि हालात सामान्य हो गए थे। कश्मीर की समस्या का सबसे बड़ा हल यह है कि वहां के नौजवानों के रोजगार मिले, अगर नौजवानों को रोजगार मिलेगा तो आतंकियों और दूसरे देशों के बरगलाने पर यह नवयुवक आतंकी नहीं बनेंगे। अगर बंटवारे के बाद ही पाकिस्तान के साथ हुए युद्ध के बाद पाक अधिकृत कश्मीर की मान्यता न दी जाती और इस मुद्दे को यूएनओ न ले जाया गया होता तो इस समय कश्मीर की समस्या खड़ी ही नहीं होती।

मैंने खुद कांग्रेसी नेता और जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री रहे गुलाम नबी आजाद से पूछा कि आप ही कश्मीर समस्या का हल बता दीजिए। इस पर गुलाम नबी आजाद कुछ नहीं बता सके। दरअसल वह इसलिए कुछ नहीं बता सके क्योंकि कश्मीर की समस्या कांग्रेस की देन है। कांग्रेस का थिंकटैंक इस समस्या को हल करना नहीं चाहता था यही वजह है कि वह कश्मीर के हल के बारे में कुछ सोचता ही नहीं रहा है। मुलायम ने कहा कि इस समस्या का हल कांग्रेस के अलावा ही कोई दल करेगा और इसका हल निकालने का सिर्फ एक रास्ता है कि सबसे बातचीत की जाए

नक्सलवाद भी एक बड़ी चुनौती है देश के सामने। इसका समाधान कैसे होगा?
मुलायम : इसके लिए भी कांग्रेस जिम्मेदार है। नक्सलवाद विकास से जुड़ी समस्या है। लोगों के पेट से जुड़ी समस्या है। अगर किसी को भरपेट खाना सम्मान के साथ मिलेगा तो वह जान गंवाने के लिए बंदूक क्यों उठाएगा? अगर लोगों को सड़क बिजली पानी और रोजगार मिलने लगे तो वह क्यों बंदूक उठाएंगे? जब मैं मुख्यमंत्री था तो उत्तर प्रदेश के कई जिले नक्सलवाद से प्रभावित थे। मैंने सबसे पहले अपने सचिव चंद्रमा यादव को वहां भेजा। सबकी समस्या पूछी तो पता चला कि बहुत छोटी-छोटी मांगें थी। कहीं पुलिया बननी थी, कहीं सड़क बननी थी। जो लड़के नक्सलवादी बन गए थे उनसे बात कर कहा कि यह मान लो कि मुख्यमंत्री तुम्हारे साथ खड़ा है। अपने लोगों के बीच यह कह दो कि सरकार ने सारी बातें मान ली हैं।

दो दिक्कतें बड़ी थीं जिस पर किसी का ध्यान नहीं जा रहा था। और किसी भी नक्सलवादी इलाके में यह दिक्कतें होती है। पहली यह कि लोग कई दशकों से जो खेत जोत बो रहे थे वह उनके नाम नहीं था। खेत में मेहनत वो करते पर उनकी मेहनत की कमाई कोई ले जाता था। वह जिस घर में वह रहता था वह जमीन का मालिक नहीं थे। मकान उनके नाम नहीं थे। लोगों का जीवन इससे प्रभावित हो रहा था। वह बार बार धमकाया जाता कि उसका घर उससे छीन लिया जाएगा। उसका पुश्तैनी घर तो था पर जमीन उसके नाम नहीं थी। मैंने अपनी सरकार आते ही यह कानून बना दिया कि जोतने बोने वाले की ही जमीन होगी। जिस जमीन पर किसी का पुश्तैनी घर है वह उसके नाम होगी। यह होने के बाद से हालाता सामान्य हो गए।