संजू बाबा ने काशी में किया श्राद्ध, पूरी की पिता की ख्वाहिश !

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संजू बाबा ने काशी में किया श्राद्ध, पूरी की पिता की ख्वाहिश !
संजू बाबा ने काशी में किया श्राद्ध, पूरी की पिता की ख्वाहिश !

वाराणसी: मोक्ष की नगरी कहे जाने काशी (वाराणसी) में बॉलीवुड एक्टर संजय दत्त ने बुधवार को दस्तक दी। जहां गंगा किनारे वो बतौर हीरो नहीं बल्कि एक बेटे के रोल में नजर आए। पिता सुनील दत्त की अंतिम ख्वाहिश पूरा करने के साथ ही मोक्ष की कामना के लिए उन्होंने पिंडदान किया। काशी के अर्द्धचंद्राकार घाटों के अंतिम छोर से पहले रानी घाट पर श्राद्ध के लिए पहले से ही तैयारी की गई थी। 8 ब्राह्मणों ने पूरे विधि विधान और वैदिक परंपरा से श्राद्ध कर्म कराया। दरअसल संजय दत्त जब जेल में थे तब सुनील दत्त ने कहा था कि बाहर आने के बाद मेरा पिंडदान जरूर करना।

सुकून में दिखे संजय दत्त
जेल से बाहर आने के बाद संजय दत्त अपने पिता की इस इच्छा को पूरी करना चाहते थे और जब काशी आने का मौका मिला तो उन्होंने पिता की इच्छा को पूरा कर दिया। इसके बाद संजय दत्त भी सुकून में दिखे। रानीपुर घाट पर श्राद्ध की पहले से ही तैयारी की गई थी। सिद्धिविनायक मंदिर गढ़वासी टोला के महंत आचार्य राजेन्द्र कुमार शर्मा ने श्राद्ध की सारी प्रक्रिया को पूर्ण कराया। श्राद्ध प्रक्रिया लगभग 20 मिनट में पूरी की गई। गौरतलब है कि पितृ पक्ष में काशी में आकर पितरों की आत्मा के शांति के लिए पिंडदान किया जाना शुभ माना जाता है। मान्यता यह भी है कि इसे करने मात्र से पीढ़ी दर पीढ़ी मृतक आत्माओं की तृप्ति हो जाती है।

संजू बाबा ने काशी में किया श्राद्ध, पूरी की पिता की ख्वाहिश !

प्रशंसकों में दिखा उत्साह
अपने चहेते हीरो को देखने के लिए सुबह से ही घाट पर भीड़ लगी हुई थी। इस दौरान सुरक्षा के तगड़े बंदोबस्त किए गए थे, बावजूद इसके बाद संजय दत्त कई बार प्रशंसकों से घिर गए थे। दोपहर तकरीबन डेढ़ बजे वह ब्लैक कलर की जगुआर कार से श्राद्ध स्थल पर पहुंचे। सफेद कुर्ता-पजामा और आंखों में काला चश्मा डाले बिल्कुल नए लुक में नजर आ रहे थे। श्राद्ध करने के बाद संजय दत्त अपनी नई फिल्म की कामयाबी की कामना लिए काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंचें जहां उन्होंने दर्शन पूजन किया। उनकी नई फिल्म भूमि 22 सितंबर को रिलीज होने वाली है। इसको देखते हुए संजय दत्त ने अपनी नई फिल्म का प्रमोशन भी किया। इस दौरान उनके साथ फिल्म के निर्देशक ओमंग कुमार, ऐक्ट्रेस अदिति राव के अलावा शेखर सुमन और पाखी हेगड़े भी रहीं।