INTERVIEW: प्लेटफार्म मायने नहीं रखता, अगर आप फोकस्ड हो तो आप ‘हिट’ हो- संजय कपूर

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शालिनी तिवारी
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शालिनी तिवारी

लखनऊ: वो प्यार, जिसकी शुरुआत चेहरे या आवाज से नहीं बल्कि एक चिट्ठी से हुई। एक दूसरे से पूरी तरह अनजान होकर भी ऐसा एहसास, जैसे वो एक दुसरे के लिए ही बने हों। वो उम्र भर साथ रहने की कसम और कभी ना खत्म होने वाली चाहत। एक्टर संजय कपूर की फिल्म ‘सिर्फ तुम’ की ये कहानी आज भी हर शख्स को याद है। बड़े पर्दे पर ‘राजा’ और और ‘शक्ति’ जैसी कई हिट फिल्में करने के बाद अब संजय कपूर ने टेलीविज़न की तरफ रुख कर लिया है। जल्द ही वो स्टार प्लस के एक शो ‘ दिल संभल जा जरा’ में नजर आएँगे।

newstrack.com के साथ ख़ास बातचीत में उन्होंने शो के साथ साथ खुद से जुड़ी कई दिलचस्प बातें शेयर की।

बॉलीवुड में एक्टिंग, प्रोड्युसिंग के बाद अब छोटे पर्दे पर काम करना क्या चैलेंजिंग है ?
– अभी तक तो शो के 30 एपिसोड्स शूट किये जा चुके हैं। मगर इसमें कुछ भी ऐसा नहीं था जिससे मुझे घबराने की ज़रुरत हो या कुछ टफ लगे। अगर आप फोकस्ड हैं तो प्लेटफार्म मायने नहीं रखता। बस आपको अपना बेस्ट देना है, फिर कुछ भी चैलेंजिंग नहीं।

स्टार प्लस के धारावाहिक हमेशा से ही ‘मिडिल ऐज वुमन’ को ध्यान में रखकर बनते हैं। ऐसे में आपका ये शो क्या दर्शकों के दिल में जगह बना पाएगा?
– लोग वही देख सकते हैं जो हम यानी टेलेविज़न वाले उनको दिखाते हैं। हां, ये बात बिलकुल सही है कि स्टार प्लस पर आने वाले ‘सास-बहू’ के धारावाहिक दर्शकों के दिलों दिमाग पर चढ़े हुए हैं। इसका यही कारण है कि आजतक उन्हें लीग से हटकर कुछ नया परोसा ही नहीं गया। मगर ‘दिल संभल जा जरा’ का कांसेप्ट आज के वक़्त को देखते हुए बनाया गया है। ये भी एक फैमिली शो है। हालांकि इसकी स्टोरी बेहद अलग है।

बताया जा रहा है कि शो में बोल्डनेस का भी तड़का है। ऐसा क्या देखने को मिलेगा शो में?
– किसी भी फिल्म या सीरियल में ‘बोल्ड’ के कई मतलब हो सकते हैं। यहाँ बोल्डनेस का मतलब किसिंग सीन या इंटिमेसी से नहीं है। इस शो का कॉन्सेप्ट काफी बोल्ड है। ये लीक से हटकर है। हमें कहीं ना कहीं भरोसा है कि ये शो अपनी अच्छी खासी जगह बना लेगा।

‘अनंत माथुर’ और ‘संजय कपूर’ में कितनी समानता है?
– शो में मेरा किरदार एक रिच, सुलझे और समझदार व्यक्ति। और मुझे ऐसा लगता है कि असलियत में भी मैं सुलझा और थोड़ा समझदार ही हूं। जिस तरह अनंत माथुर दूसरों से इज्जत और शालीनता से बात करता है, मैं भी वैसा हूं। तो ज़्यादा फर्क नहीं है।

विक्रम भट्ट जो सीरियल के क्रिएटिव डायरेक्टर हैं, उन्होंने कई वेब सीरीज बनाई हैं। क्या आप कभी किसी वेब सीरीज में नजर आएँगे?
– अगर स्क्रिप्ट अच्छी हुई, मेरा किरदार दमदार रहा, तो जरूर। मैं मानता हूं कि अगर आप एक्टर हो तो कहीं भी काम करना कोई छोटी बात नहीं। अगर वो लोगों को पसंद आ गया तो समझो आप सफल हो।

बातचीत के दौरान उन्होंने शो से हटकर मीडियकर्मियों को फिटनेस के फायदे भी बताए और कहा कि अपनी सेहत का ध्यान हर किसी को रखना चाहिए। इसके लिए पब्लिक फिगर होना जरुरी नहीं। हेल्दी होना सबके लिए ज़रूरी है।

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रिश्तों की उलझी कहानी ‘दिल संभल जा ज़रा’
– विक्रम भट्ट के पहले टीवी शो ‘दिल संभल जा जरा’ रिश्तों की उलझी और कठिन दास्तां है। ये कहानी एक पर्फेक्ट जेंटलमैन अनंत माथुर और एक खूबसूरत लड़की अहाना के इर्द-गिर्द है। ये दोनों पति-पत्नी हैं। अनंत अहाना को खुश करने के लिए वो सबकुछ करने को तैयार है जो शायद कोई ना कर पाए। मगर इनसब के बावजूद इस रिश्ते का एक ऐसा सच है जो बताएगा कि इतना सबकुछ करने की बाद भी अनंत से शादी करना अहाना की सबसे बड़ी गलती क्यों होती है।

क्या कहते हैं विक्रम भट्ट?
– शो के क्रिएटिव डायरेक्टर विक्रम भट्ट ने कहा, ‘हम सभी ने टेलीविज़न पर हमेशा खुश रहने वाली रोमांटिक कहानियां देखी हैं। ‘दिल संभल जा जरा’ एक ऐसा शो है जिसमे परफेक्ट लड़के-अनंत माथुर से शादी होने के बाद अहाना की कहानी दिखाई गई है।

अहाना का किरदार निभा रही स्मृति कालरा ने कहा, ‘अहाना एक बेहद वास्तविक किरदार है , जिसमें भावनाएं हैं। वह जिंदगी के एक ऐसे चरण में है, जहां अभी भी वो ये जानने की कोशिश कर रही है कि उसकी शादी कैसे सफल होगी ?

अहाना-अनंत के इस उलझे-सुलझे रिश्ते की सच्चाई जानने के लिए देखें स्टार प्लस का अपकमिंग शो ‘दिल संभल जा जरा’ 23 अक्टूबर रात 10:30 बजे।

आगे की स्लाइड्स में देखें फोटोज…

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