लखनऊ: आगामी महीने के चार तारीख को प्रस्तावित शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपीटीईटी) करीब पन्द्रह दिनों तक के लिए के लिए टल सकती है। बीटीसी 2015 बैच के प्रशिक्षुओं का दबाव और चार नवंबर को ही राष्ट्रीय प्रतिभा खोज परीक्षा (एनटीएसई) होने से सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी अनिल भूषण चतुर्वेदी ने टीईटी के लिए सरकार से समय मांगा है।

बता दें कि बीटीसी 2015 के चतुर्थ सेमेस्टर की परीक्षा 8 अक्टूबर को शुरू होने के पहले ही सभी पेपर लीक होने के कारण निरस्त करनी पड़ी थी। इस कारण दिसंबर में प्रस्तावित 95 हजार शिक्षकों की भर्ती से बीटीसी-2015 बैच के 72668 प्रशिक्षुओं के बाहर होने का खतरा उत्पन्न हो गया।

बीटीसी प्रशिक्षुओं को आश्वासन, जल्द कराई जाएगी परीक्षा 

इसी बीच गुरुवार को सीएम योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में बीटीसी प्रशिक्षुओं को आश्वासन दिया है कि उनकी परीक्षा जल्द कराई जाएगी। मुख्यमंत्री के आश्वासन के बाद इस मसले पर आज शाम चार बजे से लखनऊ में बेसिक शिक्षा विभाग के अफसरों की बैठक बुलाई गई है।

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कयास लगाया जा रहा है कि बैठक में बीटीसी 2015 चतुर्थ सेमेस्टर की परीक्षा जल्द कराने पर निर्णय हो सकता है। यदि ऐसा होता है तो टीईटी टालना पड़ेगा क्योंकि एक साथ दोनों परीक्षाओं की तैयारी कराना संभव नहीं होगा। टीईटी टलने से बीटीसी-2015 बैच के 72668 प्रशिक्षुओं को राहत मिलेगी क्योंकि परीक्षा देर से होने पर शिक्षक भर्ती में शामिल होने की संभावना बढ़ जाएगी।

बीटीसी 2015 चतुर्थ सेमेस्टर की परीक्षा की तिथि पर आज फैसला आने की संभावना

बीटीसी 2015 चतुर्थ सेमेस्टर की परीक्षा की तिथि पर आज फैसला आने की संभावना है। गुरुवार को सुबह से ही परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय पर प्रशिक्षुओं के जुटने के सिलसिला शुरू हो गया। दोपहर तक सैकड़ों की संख्या में प्रशिक्षु कार्यालय पर एकत्र हो गए। प्रशिक्षुओं की मांग थी कि निरस्त की गई परीक्षा की डेट शीघ्र जारी की जाए। जिससे दिसंबर में होने वाली शिक्षक भर्ती की परीक्षा में प्रशिक्षुओं को भी शामिल होने का मौका मिले।

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सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी अनिल भूषण चतुर्वेदी ने बताया कि चतुर्थ सेमेस्टर की परीक्षा की तिथि को लेकर शुक्रवार को शासन में मीटिंग है। उसमें परीक्षा की डेट घोषित करने पर फैसला हो जाएगा। टीईटी 2018 की डेट बढ़ाने की प्रशिक्षुओं की मांग पर भी विचार किया जा रहा है। इस संबंध में शासन को प्रस्ताव भी भेजा गया है, संभवत: उस पर भी शुक्रवार को शासन की ओर से फैसला हो जाए।