नई दिल्ली: केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को प्रगति मैदान की 3.7 एकड़ जमीन होटल के लिए लीज पर देने को मंजूरी प्रदान की। सरकार की ओर से लिए गए फैसले के अनुसार, इस जमीन पर निजी क्षेत्र के कारोबारी समेत कोई तीसरा पक्ष होटल बनाएगा और उसका संचालन करेगा।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में प्रगति मैदान में भारत व्यापार संवर्धन संगठन (आईटीपीओ) द्वारा 3.7 एकड़ भूमि के मुद्रीकरण को मंजूरी प्रदान की गई।

वाणिज्य मंत्रालय की एक विज्ञप्ति के अनुसार, यह कार्य पारदर्शी स्पर्धी बोली प्रक्रिया के माध्यम से निजी क्षेत्र सहित तीसरे पक्ष द्वारा होटल निर्माण और संचालन के लिए 99 वर्षो के पट्टे के आधार पर होगा।

यह कदम प्रगति मैदान की विकास परियोजना चरण-1 का हिस्सा है, जिसमें एकीकृत प्रदर्शनी सह सम्मलेन कक्ष (आईईसीसी) शामिल है।

आर्थिक मामलों मंत्रिमंडलीय समिति द्वारा जनवरी 2017 में स्वीकृत योजना में अनुमानित लागत 2254 करोड़ बताई गई थी।

आईईसीसी परियोजना के अंतर्गत सात हजार लोगों के बैठने की व्यवस्था, 1,00,000 वर्ग मीटर का प्रदर्शनी क्षेत्र और 4800 वाहनों की बेसमेंट पार्किं ग सुविधा के साथ विश्वस्तरीय अत्याधुनिक प्रदर्शनी सह सम्मलेन कक्ष बनाने का प्रस्ताव है।

प्रगति मैदान के आस-पास के क्षेत्रों में यातायात भीड़-भाड़ दूर करने के कदम उठाए गए हैं।

भूमि के मुद्रीकरण के माध्यम से उगाहे गए कोष का इस्तेमाल आईईसीसी परियोजना के धन पोषण के एक उपाय के रूप में किया जाएगा। आईईसीसी परियोजना व्यापार प्रोत्साहन के लिए शिखर स्तरीय बैठकों तथा प्रदर्शनियों / कार्यक्रमों को आयोजित करने के लिए केंद्र सरकार और राज्य सरकारों के लिए आवश्यक है।

आटीपीओ ने कहा है कि पूरी परियोजना सितंबर, 2019 तक पूरी होने की उम्मीद है। आईईसीसी परियोजना से घरेलू व्यापार को लाभ मिलने के साथ-साथ देश का विदेश व्यापार भी बढ़ेगा