DGCA निर्देश: एयरबस 320, इंडिगो, GOएयर- 11 विमान हटे,65 उड़ानें रद्द

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नई दिल्ली: जहाज पर सुरक्षित यात्रा करने से पहले आपके लिए यह जानना जरूरी हो गया है कि आप जिस जहाज पर यात्रा कर रहे हैं उसमें इंजन किस कंपनी का लगा हुआ है। इंडिगो व गो एयर के 11 एयर बस ए-320 को इंजन में खराबी के चलते उड्डïयन मंत्रालय ने उडऩे की अनुमति देने से मना कर दिया है। इसमें इंडिगो के आठ व गो के तीन जहाज हैं।

इंजन खराबी के सभी मामले अमेरिकी कंपनी के
सरकार को यह फैसला बीते दिनों इंडिगो की लखनऊ-अहमदाबाद उड़ान के दौरान इंजन में खराबी आने के बाद लेना पड़ा है। आम तौर पर जहाज में राल्स रॉयस,नियो और प्रेट एंड वेटिनी कंपनी के इंजन लगते हैं। हैरतअंगेज यह है कि बीते एक साल में 69 जहाजों के उड़ान के दौरान इंजन में खराबी के मामले उड्डïयन मंत्रालय और डायरेक्टर जनरल आफ सिविल एविएशन (डीजीसीए) ने दबा रखे हैं वे सब के सब जहाजों के इंजन अमेरिका की प्रेट एंड वेटिनी कंपनी के हैं। हालांकि अभी तक उड़ान के दौरान एक जहाज के इंजन फेल होने और 11 जहाजों को उडऩे से मना करने का ही मामला प्रकाश में लाया गया है। प्रेट एंड वेटिनी सेना के जहाज के इंजन भी बनाती है।

गो व इंडिगो एयर में लगे हैं इस कंपनी के इंजन
गो व इंडिगो ही ऐसी एयरलाइंस हैं जिनके जहाजों में इस कंपनी के इंजन लगे हुए हैं जबकि एयर इंडिया व विस्तारा के एयरबस 320 में सीएफएम लीप-1 इंजन लगे हुए हैं। इंडिगो व गो एयरलाइंस इस कंपनी के इंजन वाले सौ नए जहाजों को खरीदने के आदेश दे रखे हैं। नियम के मुताबिक डीजीसीए द्वारा सर्टिफिकेट आफ एयर वर्दीनेस प्रमाणपत्र एक वर्ष के लिए जारी किया जाता है। इसी के साथ हर 24 घंटे में प्रत्येक एयरलाइंस के जहाजों के इंजन के चेकिंग का प्रमाणपत्र जारी किया जाता है जिसे एक्सटेंड चेकिंग इंजन कहा जाता है। एक जहाज एक एयरपोर्ट से दूसरे एयरपोर्ट पर उतरने के बाद तीस मिनट के अंतराल में ट्रांजिट चेक किया जाता है।

गौरतलब है कि एयरक्राफ्ट की औचक नमूना चेकिंग की जाती है। जबकि डीजीसीए को नमूना व औचक निरीक्षण की जगह हर जहाज की चेकिंग करनी चाहिए। एयरक्राफ्ट के टेक्रिकल लॉग बुक पर डीजीसीए को प्रमाणित करना चाहिए।

क्रिटिकल एयरपोर्ट पर एक्सपर्ट पायलट भेजे जाने चाहिए

पायलट कैप्टन सुभाष ओझा ने कहा कि सुरक्षा को पूरी कसौटी पर कसने की आवश्यकता है। क्रिटिकल एयरपोर्ट के लिए एक्सपर्ट पायलट भेजे जाने चाहिए। गौरतलब है कि कुछ पायलट की क्रिटिकल एयरपोर्ट के लिए अलग से ट्रेनिंग की जाती है।