गोरखपुर: इंतकाम की आग इंसान को इस कदर जुर्म के रास्ते पर पहुंचाने के लिए तैयार हो जाती है। इंसान अपना सुध-बुध खो कर वह जुर्म कर बैठता है जिसे कानून भी माफ नहीं करता। ऐसा ही नजारा देखने को मिला जब अपने छोटे भाई की हत्या का बदला लेने के लिए एक नाबालिग छात्रा ने सैकड़ो  जिंदगियों को दांव पर लगा दिया।

दाल में मिलाया जहर

उत्तर प्रदेश के देवरिया जनपद का बनकटा थाना क्षेत्र जहां बौलिया पांडे स्थित जूनियर हाई स्कूल की कक्षा आठ की छात्रा के ऊपर आरोप लगा है कि मध्याहन भोजन के समय कुछ जहरीला पदार्थ दाल में मिलाकर बच्चों को अपने ही स्कूल के बच्चों को मारने की साजिश रची थी। रसोईये की सजगता से सैकड़ों मासूमों की जिंदगी बच गई वरना आज नजारा कुछ और ही होता।  इस घटना के बाद समूचे गांव में हड़कंप मच गया। आनन फानन में विद्यालय के प्रधानाध्यापक ने इसकी सूचना तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र समेत जनपद के अन्य अधिकारियों को दी।  मामले की गंभीरता को देखते हुए जनपद के तमाम आला अधिकारी समेत पुलिस मौके पर पहुंच गई। जहां छात्रा को गिरफ्तार कर खाने का नमूना लेकर जांच के लिए भेज दिया। वहीं इस बाबत प्रत्यक्षदर्शी रसोईया राधिका का कहना था कि जब बच्चों को खाना खिलाया जा रहा था। तब आरोपी छात्रा किचन में पहुंची और अंदर जाने लगी। वह कहने लगी हम यहीं किचन में बैठकर खाना खाएंगे, बाहर बहुत धूल उड़ रही है। मैंने रोकने की कोशिश की। लेकिन मेरे रोकने के बाद भी आरोपी छात्रा किचन में जबरदस्ती घुस गई। मैं जब बाहर से अंदर किचन में आई तो देखा कि आरोपी छात्रा हाथ में कुछ लिए थी और बने हुए दाल में मिला रही थी। हमको देखते ही वह घबरा गई। इसके बाद वह किचन में रखे पानी से हाथ धोने लगी और मैंने जब दाल देखी तो दाल का रंग बदल गया था।  इसकी जानकारी प्रिंसपल को दी।

फूड प्‍वाइजनिंग की थी सूचना

वहीं मौके पर पहुंचे डाक्टर बी.एन. यादव का कहना था कि हमारे फोन पर एक सूचना आई कि बगल के एक विद्यालय में बच्चों को फूड प्वाइजनिंग हो गई है। मैं अपनी पूरी टीम के साथ वहां पहुंचा तो वहां जहरीला पदार्थ किसी ने खाने में मिला दिया था। किसी ने भी उस खाने को खाया नहीं था। जो रसोईया थी उसका कहना था कि दाल में कुछ मिला दिया गया है ।दाल को देखा गया तो उसमें काले रंग का कुछ मिलाया गया था। जहरीला पदार्थ यानी कीटनाशक की दुर्गंध आ रही थी।

इस बाबत विद्यालय के प्रधानाध्यापक रामबली का कहना था कि दोनों स्कूलों में 350 बच्चे हैं, कल जब मैं खाना खिला रहा था तो रसोइये ने बताया कि दाल काली हो गई है तो तत्काल उसको रोक दिया गया और दाल किसी को नहीं दी गई।

वही आरोपी छात्रा का कहना था ये काम रसोइये ने खुद किया है और हमारे ऊपर इल्जाम लगा रही हैं, रसोइये ने ही यह सब किया है। मेरे भाई की हत्या इसी स्‍कूल में हुई थी। उसी केस को खत्म करने के लिए दवाब बनाया जा रहा है,  मेरे ऊपर लगाए गए आरोपी गलत हैं।

मुकदमा हुआ दर्ज

इस पूरी घटना पर  अपर पुलिस अधीक्षक सुरेंद्र बहादुर का कहना था कि जानकारी मिली है, कल प्राथमिक विद्यालय में मिड डे मील के समय दाल में कुछ संदिग्ध वस्तु मिला दी गई थी। कुछ बच्चे पहले खाना खा चुके थे, कुछ बच्चे बाकी थे। उसी बीच रसोइये ने बताया कि एक लड़की ने खाने में कुछ मिला दिया है। उस लड़की के भाई की कुछ दिनों पूर्व हत्या की गई थी। बाकी थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है, विवेचना के हिसाब से कार्यवाही की जाएगी।