जौनपुर: फिल्म ‘सत्यमेव जयते’ के ट्रेलर में मोहर्रम के जुलूस में मातम के दौरान हत्या का सीन दिखाये जाने के विरोध में परिवादी शहंशाह हुसैन ने एसीजे द्वितीय कोर्ट में अभिनेता जॉन अब्राहम, डायरेक्टर व तीन निर्माताओं पर विभिन्न धाराओं में परिवाद दायर किया है। उन्‍होंने कहा कि इससे परिवादी व शिया समुदाय की भावनाएं आहत हुईं हैं।

28 जून को रिलीज हुआ ट्रेलर

परिवादी शहन्शाह हुसैन निवासी पुरानी बाजार ने कोर्ट में सत्यमेव जयते फिल्म के अभिनेता जॉन अब्राहम, निर्देशक मिलाप मिलन जावेरी व तीन निर्माताओं के खिलाफ परिवाद दायर किया कि 28 जून को ‘सत्यमेव जयते’ फिल्म का ट्रेलर रिलीज हुआ, जिसमें  अभिनेता जॉन अब्राहम को मोहर्रम के जुलूस में मातम करने के दौरान हत्या करते दिखाया गया है। सोशल मीडिया,यू ट्यूब आदि पर इस ट्रेलर को 2 व 3 जुलाई को परिवादी व गवाहों ने घर पर देखा, पढ़ा और सुना। जिससे शिया समुदाय के परिवादी व अन्य की धार्मिक भावना आहत हुईं।

परिवादी के अधिवक्ता हिमांशु श्रीवास्तव ने तर्क दिया कि फिल्म भ्रष्टाचार पर आधारित है। इसमें मोहर्रम का जुलूस और मातम के दौरान अभिनेता द्वारा हत्या के सीन की जरूरत ही नहीं है। इस सीन के बगैर भी फिल्म पूरी हो जाती। जानबूझकर विवादित सीन फिल्मों में डालकर टीआरपी बढ़ाने व ज्यादा मुनाफा कमाने की प्रवृत्ति से ऐसा किया गया। जिससे परिवादी की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची। अराजकता,अस्थिरता एवं लोक शान्ति भंग होने की संभावना पैदा हुई। आरोपियों को तलब कर दंडित करने की मांग की गई। कोर्ट ने मामले को बतौर परिवाद दर्ज कर परिवादी व गवाहों को बयान के लिए तलब किया।