गुवाहाटी: पीएम मोदी भले ही करप्‍शन फ्री इंडिया का ढोल पीटने में लगे हों, लेकिन उनके ही एक सांसद की बिटिया ने उनके इस दावे की हवा निकाल दी है। जी हां, सही पकड़े हैं आप। हम बात कर रहे हैं असम के बीजेपी सांसद राम प्रसाद शर्मा की बेटी पल्‍ल्‍वी शर्मा की, जो ‘कैश फॉर जॉब’ घोटाले में चारों तरफ से फंस गई हैं। हालांकि पल्‍लवी के पिता बेचारे पुत्री मोह में दावे करते फिर रहे हैं कि उनकी बेटी निर्दोष है और वह कोर्ट में ये बात साबित करने का दम रखते हैं। लेकिन भाईसाब, अब जब पूरा मामला खुलकर सामने ही आ गया है तो बात बनना जरा मुश्किल ही है।

पुलिस ने किया अरेस्‍ट

बीजेपी सांसद आर पी शर्मा की बेटी पल्‍लवी को पुलिस ने नौकरी के बदले पैसे लेने के मामले में दोषी पाया है। इस मामले में उन्‍हें अरेस्‍ट किया गया है। हालांकि सांसद इसे साजिश बता रहे हैं। लेकिन सच भला कैसे छुप सकता है। लिहाजा पल्लवी के साथ उसी बैच के 18 दूसरे अधिकारियों को भी पुलिस ने इस मामले में गिरफ़्तार किया है।

ये है पूरा मामला

वर्ष 2016 में असम लोक सेवा आयोग (एपीएससी) की नौकरियां निकली थीं। इन लोगों ने 2016 में एपीएससी का पेपर दिया। इसके बाद इस परीक्षा की जांच हुई। इस जांच में उनकी लिखावट परीक्षा की कॉपियों की लिखावट से अलग मिली, जिसके बाद इन्हें पुलिस ने अरेस्‍ट किया। पल्लवी शर्मा बतौर डिप्टी सुपरिटेंडेंट ऑफ़ पुलिस के तौर पर तैनात थीं।

इस मामले की जांच कर रही डिब्रूगढ़ पुलिस ने असम सिविल सेवा (एसीएस), असम पुलिस सेवा (एपीएस) और इसकी सहयोगी सेवाओं के अधिकारियों को हैंड राइटिंग टेस्ट के लिए बुलाया था। जिसमें ये सारे अधिकारी फेल हो गए। डिब्रूगढ़ ज़िले के पुलिस अधीक्षक गौतम बोरा ने कहा कि इन अधिकारियों की लिखावट उत्तर पुस्तिका की लिखावट से मैच नहीं होती है।

तरूण गोगोई थे सीएम

वर्ष 2016 में असम लोक सेवा आयोग की नौकरियों में यह घोटाला सामने आया था। उस समय असम में तरुण गोगोई के नेतृत्व वाली कांग्रेस पार्टी की सरकार थी। इन अधिकारियों के चयन के समय राकेश पॉल एपीएससी के अध्यक्ष थे। इसी साल पुलिस ने इस घोटाले में कथित तौर पर शामिल होने को लेकर एपीएससी अध्यक्ष के अलावा आयोग के सदस्य समेदुर रहमान, बसंत कुमार दौले और परीक्षा के सहायक नियंत्रक पबित्रा कैइबार्ता को अरेस्‍ट किया था।

एक कैंडीडेट की मुहिम पर हुआ खुलासा

अशुंमिता गोगोई नामक कैंडीडेट ने पैसे मांगे जाने पर शिकायत की थी। इसकी शिकायत के बाद पुलिस ने मामले की छानबीन शुरू कर दी थी। उन्‍होंने बताया था कि नबाकांत पाटीर नाम के एक सरकारी अभियंता ने उनको 10 लाख रुपए का भुगतान करने पर एपीएससी में नौकरी दिलाने का भरोसा दिलाया था।

सांसद का दावा- बेटी निर्दोष है

पल्‍लवी की गिरफ़्तारी के बाद सांसद आर पी शर्मा ने कहा कि उनकी बेटी के साथ साजिश हुई है। यह मामला कोर्ट में साफ हो जाएगा। पुलिस ने लापरवाही से जांच की है। पल्‍लवी निर्दोष है।