कठुआ गैंगरेप पर आज से सुनवाई, केस को राज्य से बाहर ट्रांसफर करने की मांग

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श्रीनगर: देश को झकझोर देने वाले कठुआ गैंग रेप और मर्डर केस में सोमवार 16 अप्रैल को  सीजेएम कोर्ट में पहली सुनवाई होगी जबकि दूसरी ओर पीड़िता की वकील दीपिका सिंह राजावत ने मिल रही धमकियों के मद्देनजर अपने साथ भी रेप या हत्या कराए जाने की आशंका जताई है।

दीपिका सिंह ने जम्मू-कश्मीर से बाहर केस ट्रांसफर करने की मांग की है। इस मामले में सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दाखिल करने की उम्मीद है। राज्य से बाहर केस ट्रांसफर करने की मांग को लेकर पीड़ित परिवार सुप्रीम कोर्ट में अपील करेगा क्योंकि आरोपियों को मिल रहे समर्थन से पीड़ित परिवार खौफजदा है। बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने कहा है कि जांच में दोषी साबित होने पर वकीलों के लाइसेंस रद्द होंगे। बार काउंसिल ने जांच के लिए 5 सदस्यीय टीम बनाई है और वकीलों से अपनी हड़ताल खत्म करने को कहा गया है।

सुनवाई आठ आरोपियों के खिलाफ की जाएगी, जिन पर एक बच्ची को जनवरी महीने में एक सप्ताह तक एक मंदिर में बंधक बनाकर रखने और उसका गैंगरेप कर हत्या करने का आरोप है।

आरोपियों में एक नाबालिग भी है जिसके खिलाफ एक अलग चार्जशीट दाखिल की गई हैं । अधिकारियों ने बताया है कि कठुआ के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट एक चार्जशीट सुनवाई के लिए सत्र अदालत भेजेंगे, जिसमें सात आरोपी नामजद हैं जबकि नाबालिग आरोपी के खिलाफ मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सुनवाई करेंगे। जम्मू कश्मीर सरकार ने इस संवेदनशील मामले में सुनवाई के लिए दो विशेष वकीलों की नियुक्ति की है। दोनों ही सिख हैं।

चार्जशीट में बकरवाल समुदाय की लड़की का अपहरण , बलात्कार और हत्या को सुनियोजित साजिश का हिस्सा बताया गया है ताकि इस अल्पसंख्यक घुमंतू समुदाय को इलाके से हटाया जा सकें

कठुआ के एक छोटे गांव के एक मंदिर का रखरखाव करने वाले शख्स को इस पूरी वारदात का मास्टरमाइंड बताया गया है, जिसका नाम सांजी राम है।  सांजी राम पर विशेष पुलिस अधिकारी दीपक खजूरिया और सुरेंद्र वर्मा के साथ मिलकर इस दर्दनाक घटना को अंजाम देने का आरोप लगाया गया है। आठों आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं।

जम्मू के वकील लगातार इस घटना पर आरोपियों के पक्ष में समर्थन में खड़े नजर आ रहे हैं और उन पर न्यायिक प्रकिया में रुकावट डालने के भी आरोप लग रहे हैं, जिसे लेकर सुप्रीम कोर्ट और बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने नाराजगी जताई है। बार काउंसिल स्थानीय वकीलों को सोमवार तक हड़ताल खत्म करने की चेतावनी दे चुका है।  वहीं इस पूरी घटना में दोषी पाए जाने वाले वकीलों के लाइसेंस रद्द करने की भी चेतावनी दी गई है। इस घटना में आरोपी पुलिसकर्मियों को भी बर्खास्त कर दिया गया हैं।

 

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