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Tuesday, December 12, 2017

पूजा में दीपक का विशेष महत्व, क्यों होता है जीवन में इनका प्रभाव

धार्मिक ग्रंथों के अनुसार भिन्न-भिन्न देवी-देवताओं की साधना अथवा सिद्धि के मार्ग पर जब लोग चलते हैं तो दीपक का महत्व विशिष्ट हो जाता है। दीपक कैसा हो, उसमे कितनी बत्तियां हों, इसका भी एक विशेष महत्त्व है। उसमें जलने वाला तेल और घी किस-किस प्रकार का हो, इसका भी विशेष महत्त्व है। उस देवता की कृपा प्राप्त करने और अपने उद्देश्य की पूर्ति के लिए ये सभी बातें महत्वपूर्ण हैं।

विचार : सामूहिक संपदा पर बढ़ता कब्जा, संसाधनों की मची है लूट

प्रेम पंचोली पर्वतीय राज्य उत्तराखंड में 1960-64 के दौरान एक भूमि बन्दोबस्त हुआ था जिसे फिर 40 वर्ष बाद यानी 2004 में करना था। नये...

कविता : रात भर जाग कर ख्वाहिशें लिख रहे हैं… जाने किस ख्याल में…

रात भर जाग कर ख्वाहिशें लिख रहे हैं... रात भर जाग कर, ख्वाहिशें लिख रहे हैं, जाने किस ख्याल में, क्या और कैसे लिख रहे हैं! जैसे...

कविता : मुद्दतें हुईं खिडक़ी से बाहर झांके, अब तो लोग ही मुझे...

मुद्दतें हुईं खिडक़ी से बाहर झांके। अब तो लोग ही मुझे बारिश की खबर देते हैं। मैं तो भीतर ही भीतर भीगती रहती हूँ तुम संग, तुम्हारी रंगीन यादों में। बन्द...

कवियत्री और लेखिका के साथ भोजपुरी की मैना थीं ‘मैनावती’

वह भोजपुरी की मैना ही थीं। हमेशा गाती हुई, गुनगुनाती हुई, कुछ रचती हुई, कुछ बसती हुई। उन्होंने भोजपुरी की लोकपरंपरा को गीतों में...

कहानी : ऐसे ही किसी दिन अपना क्लीनिक छह बजे ही खोल दिया

उस सोमवार की सुबह, गर्म और बिना बारिश वाली हुई। तडक़े जागने वाले औरेलियो एस्कोवार ने, जो दांतों का बिना डिग्री वाला डाक्टर था,...

अखिल भारतीय साहित्य महोत्सव : शायर मंगल नसीम को भारतेंदु हरिश्चंद सम्मान

नई दिल्ली में युवा उत्कर्ष साहित्यिक मंच ने अपना चतुर्थ अखिल भारतीय साहित्य महोत्सव विगत दिनों रेलवे अधिकारी क्लब में आयोजित किया। यह आयोजन...

गीता जयंती 30 नवम्बर पर विशेष : पलायन से पुरुषार्थ का प्रेरणागीत

अपनी प्रकाशपूर्ण प्रेरणाओं के कारण श्रीमद्भगवदगीता को वैश्विक ग्रंथ की मान्यता हासिल है। बीती शताब्दी में गीता प्रेस गोरखपुर और अन्तर्राष्ट्रीय श्रीकृष्ण भावनामृत संघ...

गुरु तेग बहादुर के बलिदान दिवस पर विशेष, जानिए उनसे जुड़े अनसुने फैक्ट्स

विश्व इतिहास में मानव धर्म एवं आदर्श जीवन मूल्यों की रक्षा के लिए प्राणों की आहुति देने वालों में सिख धर्म के नवें पातशाह गुरु तेग बहादुर का स्थान अद्वितीय है।
जाने सुदर्शन क्रिया से जीवन जीने की कला, कैसे सिखातें श्री श्री रविशंकर

जानें सुदर्शन क्रिया से जीवन जीने की कला, कैसे सिखाते हैं श्री श्री रविशंकर

जीवन सांसो की माला है। श्वसन क्रिया चलती रहती है तो जीवन माना जाता है इसके बंद हो जाने पर जीवन को समाप्त हो जाता है। सांस लेने की प्रक्रिया पर हमारे ऋषि, मुनियों ने

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