जब-जब राम ने जन्म लिया, तब-तब पाया वनवास! फिर भी खत्म नहीं हुई मंजिल पाने की आस

लखनऊ: अवतारों तथा महापुरुषों के कष्टमय जीवन हमें प्रभु की राह में  सब प्रकार के कष्ट सहने की सीख देते हैं! ऐसे ही कुछ महापुरुषों के वृतांत से लेते है सीख। राम ने जन्म लिया, पाया वनवास राम ने बचपन में ही प्रभु की इच्छा और आज्ञा को पहचान लिया और उन्होंने अपने शरीर के […]

विश्व हास्य दिवस: किसी को मुस्कुराहटें करें निसार, समेटते रह जाएंगे इतना मिलेगा प्यार

लखनऊ: नवाबों की नगरी लखनऊ के रेलवे स्टेशन से आदमी बाहर निकलता है, तो बड़े अक्षरों में लिखे बोर्ड पर नज़र टिकती है- “मुस्कुराइए कि आप लखनऊ में हैं”। यह वाक्य पढ़ते ही यात्रियों के चेहरे पर मुस्कुराहट फैल जाती है। इस एक वाक्य में लखनऊ की ज़िंदादिली व खुशमिज़ाजी के दर्शन होते हैं। हंसना […]

मलेरिया दिवस 25 अप्रैल : मलेरिया से मुक्ति बड़ी चुनौती

देश में स्वास्थ्य सेवाओं की दयनीय स्थिति का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि देश में हर साल मच्छरों के काटने से फैलने वाली बीमारियों में

महावीर जयंती पर विशेष: धरती का सबसे बड़ा खतरा है इंसान, पर जो अहिंसक है, वही मानव है

लखनऊ: संसार के प्रत्येक जीव में एक ही आत्मा निवास करती है। इसलिए हमें दूसरों के प्रति वही विचार व व्यवहार रखना चाहिए, जो हम खुद के प्रति चाहते हैं। यही ही उनका “जियो और जीने दो” का मंत्र जो वर्तमान परिस्थितियों में पहले से कहीं अधिक प्रासंगिक है। जीव हत्या को जैन धर्म में […]

रामनवमी पर विशेष: सामाजिक समरसता के अप्रतिम प्रतीक

लखनऊ: हमारी दिव्य भारतभूमि में राम और कृष्ण; ये दो ऐसी महान विभूतियां अवतरित हुईं। जिनका अमिट प्रभाव समूचे भारतीय जनमानस पर सहज ही देखा जा सकता है। श्रीकृष्ण के जीवन में जहां परिस्थिति जन्य आचरण का सौंदर्य प्रस्फुटित होता है । वहीं श्रीराम के आचरण में जीवन के प्रत्येक पक्ष में मर्यादा का सर्वोच्च […]

शिव मंदिरों का विलक्षण वास्तु, वास्तुशिल्प के हैं अन्यतम प्रतीक

लखनऊ: शिव सर्वसामान्य के सर्वसुलभ देवता हैं। ब्राह्मण से लेकर चाण्डाल तक सभी को इसकी पूजा का समान अधिकार है। ये रुद्र भी हैं और भोले शंकर भी। भव्यतम भी और सरलतम भी। देवाधिदेव, महादेव, भूतभावन भगवान शंकर आदियोगी हैं। सृष्टि के कल्याण को कंठ में कालकूट धारण करने वाले नीलकंठ महानतम देव हैं। हिन्दू […]

24 मार्च विश्व टीबी दिवस : भारत के माथे का बदनुमा दाग है टीबी, चिंताजनक है रोगियों की संख्या

24 मार्च विश्व टीबी दिवस : भारत के माथे का बदनुमा दाग, चिंताजनक है रोगियों की संख्या

डब्ल्यूएचओ के मुताबिक भारत में हर साल टीबी के करीब 22 लाख नए मामले सामने आते हैं और इस बीमारी से करीब 2.20 लाख लोगों की मौत हो जाती है। पिछले कई सालों में दर में गिरावट आ रही थी पर 2015 में भारत में टीबी दर और मृत्यु दर बढ़ गयी।

होली विशेष: वैचारिक कलुष जलाएं, प्रेम व सद्भाव के रंग लगाएं

रसो वै स:” भारतीय मनीषा ने जीवन को इसी रूप में परिभाषित किया है। इसीलिए हमारा भारत पर्वों का देश माना जाता है। एक और खास बात यह है कि हमारा प्रत्येक पर्व विशेष खगोलीय घटना पर आधारित है।

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस विशेष: सर्वप्रथम अमेरिका में फूटी थी बराबरी की चिंगारी

नारियों में अपरिमित शक्ति और क्षमताएं विद्यमान हैं। जीवन के सभी क्षेत्रों में महिलाओं ने अनेक कीर्तिमान स्थापित किए हैं। अपने अद्भुत साहस, अथक परिश्रम तथा दूरदर्शी बुद्धिमत्ता के आधार पर वे विश्वपटल पर अपनी सशक्त पहचान बनाने में कामयाब रही हैं। मानवीय संवेदना, कस्र्णा, वात्सल्य जैसे भावों से परिपूर्ण अनेक नारियों ने युग निर्माण में अपना महती योगदान दिया है।