24 मार्च विश्व टीबी दिवस : भारत के माथे का बदनुमा दाग है टीबी, चिंताजनक है रोगियों की संख्या

24 मार्च विश्व टीबी दिवस : भारत के माथे का बदनुमा दाग, चिंताजनक है रोगियों की संख्या

डब्ल्यूएचओ के मुताबिक भारत में हर साल टीबी के करीब 22 लाख नए मामले सामने आते हैं और इस बीमारी से करीब 2.20 लाख लोगों की मौत हो जाती है। पिछले कई सालों में दर में गिरावट आ रही थी पर 2015 में भारत में टीबी दर और मृत्यु दर बढ़ गयी।

होली विशेष: वैचारिक कलुष जलाएं, प्रेम व सद्भाव के रंग लगाएं

रसो वै स:” भारतीय मनीषा ने जीवन को इसी रूप में परिभाषित किया है। इसीलिए हमारा भारत पर्वों का देश माना जाता है। एक और खास बात यह है कि हमारा प्रत्येक पर्व विशेष खगोलीय घटना पर आधारित है।

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस विशेष: सर्वप्रथम अमेरिका में फूटी थी बराबरी की चिंगारी

नारियों में अपरिमित शक्ति और क्षमताएं विद्यमान हैं। जीवन के सभी क्षेत्रों में महिलाओं ने अनेक कीर्तिमान स्थापित किए हैं। अपने अद्भुत साहस, अथक परिश्रम तथा दूरदर्शी बुद्धिमत्ता के आधार पर वे विश्वपटल पर अपनी सशक्त पहचान बनाने में कामयाब रही हैं। मानवीय संवेदना, कस्र्णा, वात्सल्य जैसे भावों से परिपूर्ण अनेक नारियों ने युग निर्माण में अपना महती योगदान दिया है।

WOMEN’S DAY SPECIAL: मर्यादा में रहकर उसने खुद का वजूद तलाशा, इसलिए तो औरत कहलाई?

नहीं बदली वो, इसलिए तो औरत कहलाई, प्यार और त्याग की मूरत बनकर सब पर प्यार बरसाई, खुद के लिए नहीं कोई चाह या मांग उसकी, बेटी से बहू बनकर हर रिश्ते को वो निभाई, इसलिए तो औरत कहलाई।। मायके के आंगन में खिली कली, कब ससुराल में बन गई संपूर्णता की गली, खुद ही […]

ब्रजभूमि का प्रमुख त्योहार फुलैरा दूज, जो व्यक्त करता है जीवन के फूलों की महत्ता

हमारे ऋषियों-मनीषियों ने नदी, पर्वत, वृक्ष, वनस्पति, फल, फूल जैसे प्रकृति के विभिन्न घटकों के संरक्षण के लिए उनके पूजन की जो परंपरा विकसित की, वह उसके पीछे का मनोवैज्ञानिक आधार वाकई बेहद अद्भुत है।

स्काउटिंग: एक अद्वितीय शैक्षिक आंदोलन, बेडेन पॉवेल की जयंती पर विशेष

लखनऊ: सेना में ‘स्काउट’ शब्द का अर्थ होता है ‘गुप्तचर’। आज भी सेना में स्काउट होते हैं। स्काउटिंग को सेना के सीमित क्षेत्र से खींचकर जनसाधारण के बालक- बालिकाओं तक लाने का एक मात्र श्रेय लार्ड बेडेन पावेल को है। लार्ड पावेल जिनका पूरा नाम राबर्ट स्टिफेन्सन स्मिथ बेडेन पावेल था, जिनका जन्म 22 फरवरी, […]

चुनावी समर 2017: फिर देखो आई चुनावी बयार, किसकी बनेगी बहुमत की सरकार

लखनऊ:  यूपी में होने वाले चुनाव की तारीखों में कुछ दिन ही शेष रह गए हैं। नामांकन का काम भी चल रहा है तो पार्टियों में उठा-पटक भी।  विलय और विघटन का दौर भी जोरों पर है। ऐसे में चुनाव के समय कुछ कविताओं का भी सृजन हो जाता है उनमें से एक है एडवोकेट […]

युवा दिवस स्पेशल : कालजयी है स्वामी विवेकानंद की विचार संजीवनी

स्वामी विवेकानंद एक भास्वर सत्ता हैं, जो एक सुनिर्दिष्ट प्रयोजन के लिए दूसरे एक उच्चतर मंडल से इस मर्त्यभूमि पर अवतरित हुए थे। वे कालजयी हैं और कालजयी है उनकी वाणी। युवा भारत के इस  स्वप्नदृष्टा के विचार आज भी उतने ही सामयिक हैं जितने तत्कालीन युग में थे। उनकी आग्नेय वाणी में इतनी ऊर्जा […]

भोजपुरी

सिर्फ बोली नहीं पूर्ण भाषा है भोजपुरी: डॉ राजेन्द्रप्रसाद सिंह

डॉ राजेन्द्रप्रसाद सिंह भोजपुरी और हिंदी के प्रमुख भाषा वैज्ञानिक एवं आलोचक हैं। पूर्वोत्तर भारत की भाषाओं पर सम्पूर्ण रूप से काम करनवाले वे हिंदी के पहले भाषा वैज्ञानिक हैं। उन्होंने एक साथ पंचानवे भाषाओं का शब्दकोश संपादित किया है। वे ऐसे पहले आलोचक हैं जिन्होंने हिंदी साहित्य में सबाल्टर्न अध्ययन का सूत्रपात किया। भोजपुरी […]