जानिए मस्तक पर किस अंगुली से लगाएंगे तिलक तो मिलेगा मोक्ष व यश

जयपुर:तिलक को आमतौर पर किसी भी पूजा के बाद माथे पर लगाया जाता है। शास्त्रों के अनुसार तिलक हमेशा दोनों भौहों के बीच आज्ञाचक्र पर लगाया जाता है। चंदन या कुमकुम का तिलक लगाना शुभ माना गया है। इसके अलावा तिलक हल्दी-कुमकुम का भी अच्छा माना जाता है। पुरुष को माथे पर चंदन और महिला को कुमकुम लगाना चाहिए। कहते हैं कि तिलक के बिना तीर्थ स्नान, जप कर्म, दान कर्म, यज्ञ, होमादि, पितर के लिए श्राद्ध कर्म और देवों की पूजा-अर्चना ये सभी कर्म निष्फल हो जाते हैं। कई लोग ऐसा सोचते हैं कि तिलक क्यों लगाया जाता है? किस अंगुली से तिलक लगाने के क्या लाभ बताए गए हैं। साथ ही इसके पीछे के वैज्ञानिक कारण क्या हैं?

अंगूठा: इस अंगुली से तिलक करने से लोगों में व्यक्ति का प्रभाव बढ़ता है। साथ ही अच्छा स्वास्थ्य प्रदान करने वाला भी माना गया है। ज्योतिष में अंगूठे को शुक्र ग्रह से जोड़कर देखा गया है जो हथेली में शुक्र ग्रह का का स्थान ग्रहण करता है। इसके अलावा शुक्र ग्रह इस संसार के जीवन शक्ति का प्रतीक है। इसलिए अंगूठे से तिलक लगाने से आरोग्य और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है।

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तर्जनी: यह अंगुली अंगूठे के बाद वाली होती है। वेदों में तर्जनी अंगुली से तिलक लगाने को मोक्ष से जोड़कर देखा गया है। यानि तर्जनी अंगुली से तिलक लगाने पर मोक्ष प्राप्ति की मान्यता है। इसलिए तर्जनी अंगुली से तिलक लगाया जाता है।

मध्यमा: यह हथेली की बीच वाली अंगुली होती है। जिसे मिडिल फिंगर के नाम से भी जाना जाता है। माना जाता है कि इस अंगुली से तिलक लगाने से आयु की वृद्धि होती है।

अनामिका: यह मध्यमा अंगुली के बाद आती है। कहते हैं कि इस अंगुली से तिलक करने से जीवन में शांति आती है। मन शांत रहता है। साथ ही यश की भी प्राप्ति होती है।